Adperma Private Ltd दिसंबर में अपना **₹6,000 करोड़** का फिनोल और एसीटोन प्लांट शुरू करने जा रही है। यह प्लांट सालाना **3.45 लाख टन** फिनोल और **2.15 लाख टन** एसीटोन का उत्पादन करेगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।
Haldia Petrochemicals की सहायक कंपनी, Adperma Private Ltd, पश्चिम बंगाल के हल्दिया में अपनी नई यूनिट से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ₹6,000 करोड़ की लागत से बना यह प्रोजेक्ट भारत में केमिकल मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने की एक बड़ी कोशिश है।
क्षमता और इंडस्ट्री पर असर
इस प्लांट की क्षमता 3.45 लाख टन फिनोल और 2.15 लाख टन एसीटोन सालाना उत्पादन करने की है। फिनोल और एसीटोन फार्मास्यूटिकल्स, रेजिन, पेंट्स और एडहेसिव इंडस्ट्री के लिए कच्चे माल के रूप में बेहद जरूरी हैं। इस यूनिट के शुरू होने से अब भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को ग्लोबल सप्लायर्स के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा, जिससे सप्लाई चेन में आने वाली अस्थिरता से राहत मिलेगी।
मार्केट में कॉम्पिटिशन और चुनौती
हल्दिया स्थित यह प्लांट पूर्वी तट पर मौजूद कंपनियों के लिए लॉजिस्टिक खर्च को कम करेगा। हालांकि, पेट्रोकेमिकल सेक्टर में कॉम्पिटिशन काफी है। Deepak Phenolics जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही इस मार्केट में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। ऐसे में Adperma के लिए चुनौती होगी कि वह अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को कैसे मैनेज करती है और इंपोर्टेड प्रोडक्ट्स के सामने अपनी कीमत कैसे तय करती है। बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी कितनी तेजी से अपनी फुल कैपेसिटी हासिल करती है और इससे डोमेस्टिक मार्केट में कीमतों पर क्या असर पड़ता है।
