AVI Polymers, जो स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी है, ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY26) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी ने ₹7.02 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो इसी फाइनेंशियल ईयर की सितंबर तिमाही (Q2 FY26) में ₹2.29 करोड़ था। पिछले फाइनेंशियल ईयर की दिसंबर तिमाही (Q3 FY25) के मुकाबले यह एक बड़ी छलांग है, जब कंपनी ने सिर्फ ₹2.2 लाख का प्रॉफिट कमाया था। यह प्रॉफिट की बढ़ोतरी सीधे तौर पर रेवेन्यू में हुई जबरदस्त वृद्धि से जुड़ी है। कंपनी के ऑपरेशंस ने दिसंबर तिमाही में ₹132.32 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया, जो पिछले क्वार्टर के ₹29.50 करोड़ की तुलना में चार गुना से भी ज़्यादा है, यानी 348% की क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर ग्रोथ। 31 जनवरी, 2026 तक, कंपनी का शेयर ₹120.50 पर कारोबार कर रहा था और ट्रेडिंग वॉल्यूम 5,50,000 शेयर्स का था। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1,500 करोड़ है, और पिछला बारह महीने का P/E रेश्यो 35.5x है।
रेवेन्यू की रफ्तार ने बढ़ाई मुनाफे की चमक
Q3 FY26 में रेवेन्यू में देखी गई असाधारण वृद्धि ही कंपनी की बढ़ी हुई प्रॉफिटेबिलिटी का मुख्य कारण है। टॉप-लाइन में इस तेज विस्तार से संकेत मिलता है कि AVI Polymers के प्रोडक्ट्स की मार्केट में डिमांड बढ़ी है या कंपनी ने इस दौरान अपनी मार्केट पेनिट्रेशन स्ट्रैटेजीज को सफलतापूर्वक लागू किया है। रेवेन्यू को प्रॉफिट में बदलने की कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी पिछले क्वार्टर्स की तुलना में बढ़ी हुई नेट प्रॉफिट मार्जिन से साफ दिखती है।
राइट्स इश्यू से भविष्य की ग्रोथ को मिलेगी रफ्तार
अपने मजबूत ऑपरेशनल नतीजों के साथ-साथ, AVI Polymers को 29 जनवरी, 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से ₹90 करोड़ के राइट्स इश्यू के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिल गया है। मैनेजमेंट डायरेक्टर चिन्तन पटेल के अनुसार, इस फंड का उपयोग प्रोडक्शन वॉल्यूम बढ़ाने, वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने और रणनीतिक ग्रोथ के अवसरों को भुनाने के लिए किया जाएगा। यह डेवलपमेंट लगातार स्टॉक में तेजी के दौर के बाद आया है, जिसमें पिछले एक साल में AVI Polymers के शेयर्स 70% से ज़्यादा बढ़े हैं। कंपनी ने दिसंबर 2025 में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का विस्तार करने की भी योजना की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य प्रोडक्शन कैपेसिटी में 20% की वृद्धि करना है। भारतीय स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर अगले पांच वर्षों में 12-15% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है, जो डोमेस्टिक डिमांड और एक्सपोर्ट के अवसरों से प्रेरित है।