सिंगापुर स्थित एएम इंटरनेशनल होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (AM International Holdings Pte. Ltd) अगले 24 महीनों में अपने भारतीय ऑपरेशन्स (Indian operations) में ₹2,000 करोड़ का निवेश करने जा रही है। यह निवेश मुख्य रूप से उर्वरक (fertilizer) और पेट्रोकेमिकल (petrochemical) क्षेत्रों को लक्षित करेगा, जो एसपीआईसी (SPIC), तमिलनाडु पेट्रोप्रोडक्ट्स लिमिटेड (Tamilnadu Petroproducts Ltd), और मनाली पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (Manali Petrochemicals Ltd) जैसी अपनी स्थानीय सहायक कंपनियों (local subsidiaries) के लिए एक मजबूत विकास रणनीति (growth strategy) का संकेत देता है। संस्थापक और अध्यक्ष अश्विन मुथैया (Ashwin Muthiah) ने इन योजनाओं की पुष्टि की, और कंपनी के प्रमुख रासायनिक खंडों (key chemical segments) में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
विस्तार योजना भारत भर में रणनीतिक रूप से स्थित ब्राउनफील्ड परियोजनाओं (brownfield projects) पर केंद्रित है। एक महत्वपूर्ण हिस्सा तूतीकोरिन (Thoothukudi) में संचालन को बढ़ावा देगा, जहां टुटिकोरिन अल्कली केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (Tuticorin Alkali Chemicals and Fertilizers Ltd - TACEL) प्लांट में नवंबर 2026 तक सोडा ऐश (soda ash) उत्पादन की क्षमता को 75,000 टन से बढ़ाकर 200,000 टन करने की योजना है। इस कदम से उर्वरक (fertilizer), डिटर्जेंट (detergent) और औद्योगिक अनुप्रयोगों (industrial applications) के लिए डाउनस्ट्रीम लिंकेज (downstream linkages) में वृद्धि होने की उम्मीद है।
तमिलनाडु पेट्रोप्रोडक्ट्स लिमिटेड (Tamilnadu Petroproducts Ltd) की पेट्रोकेमिकल क्षमता (petrochemicals capacity) बढ़ाई जाएगी, साथ ही प्रोपलीन ग्लाइकॉल (propylene glycol) उत्पादन में विस्तार और लीनियर अल्काइल बेंजीन (linear alkyl benzene) क्षमता में वृद्धि होगी। मनाली पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (Manali Petrochemicals Ltd) भी एक नई प्रोपलीन ग्लाइकॉल (propylene glycol) सुविधा स्थापित करेगी ताकि घरेलू देखभाल (home care), व्यक्तिगत देखभाल (personal care) और औद्योगिक क्षेत्रों (industrial sectors) से बढ़ती घरेलू मांग को पूरा किया जा सके।
भौतिक विस्तार (physical expansion) से परे, मुथैया ने व्यवसाय को संस्थागत बनाने (institutionalizing) की दिशा में एक जानबूझकर किए गए बदलाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने दीर्घकालिक स्थिरता (long-term sustainability) और हितधारक मूल्य (stakeholder value) सुनिश्चित करने के लिए एक पेशेवर सेटअप (professionalized setup) की आवश्यकता बताई, जिसकी तुलना टाटा समूह (Tata group) के सफल संस्थागत मॉडल (institutional model) से की गई। इस रणनीतिक बदलाव का उद्देश्य एक ऐसी संस्था का निर्माण करना है जो पीढ़ियों तक टिक सके।
मुथैया ने पुष्टि की कि विनिवेश (divestment) की कोई तत्काल योजना नहीं है, और कहा कि बैलेंस शीट को कम करने (balance sheet deleveraging) पर केंद्रित पिछले कदम सफल रहे हैं, जिससे कंपनी आंतरिक रूप से वित्त पोषित विकास (growth funded internally) के लिए अच्छी स्थिति में है। उन्होंने उत्तराधिकार (succession) के संबंध में आशावाद व्यक्त किया, और नोट किया कि उनकी दोनों बेटियां प्रबंधन चर्चाओं (management discussions) में सक्रिय रूप से शामिल हैं और बोर्ड पदों (board positions) पर हैं, जो समूह की विरासत (legacy) को जारी रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।