ICICI Securities ने Zomato पर अपना भरोसा बरकरार रखा है और **₹425** का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर **2028** तक क्विक कॉमर्स बिजनेस के तहत **5,000** स्टोर्स खोलना है, जो ग्रोथ का बड़ा इंजन साबित होगा।
आक्रामक विस्तार की रणनीति
Zomato अब अपने क्विक कॉमर्स ब्रांड 'Blinkit' को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में है। फाइनेंशियल ईयर 2028 तक कंपनी का लक्ष्य 5,000 डार्क स्टोर्स का नेटवर्क खड़ा करना है। मैनेजमेंट का मानना है कि छोटे शहरों में ये स्टोर्स मेट्रो शहरों की तुलना में तेजी से प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाकर विज्ञापन से होने वाली कमाई (Ad Revenue) को बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ताकि नए स्टोर्स के खर्चों को संतुलित किया जा सके।
ऑपरेशंस और तकनीक
कंपनी अपने फूड डिलीवरी बिजनेस से आने वाले कैश का इस्तेमाल क्विक कॉमर्स के विस्तार में कर रही है। सप्लाई चेन और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को और बेहतर बनाने के लिए Zomato ने 'Dark.AI' पहल शुरू की है, जिससे ऑपरेशंस में और दक्षता आएगी। फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का फूड डिलीवरी बिजनेस भी मजबूत प्रदर्शन करता दिख रहा है।
बाजार की चुनौती और रिस्क
तेजी के बावजूद, इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है। Swiggy Instamart, Zepto और BigBasket जैसे मजबूत प्लेयर्स के साथ Zomato का सीधा मुकाबला है। क्विक कॉमर्स का बिजनेस मॉडल काफी हद तक ऑपरेशनल कॉस्ट पर टिका है। यदि डिलीवरी पार्टनर्स की लागत बढ़ती है या स्टोर लेवल पर कोई बाधा आती है, तो कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए आने वाली तिमाहियों में नए स्टोर्स जुड़ने की रफ्तार और त्योहारी सीजन के डिमांड का डेटा देखना बेहद जरूरी होगा। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च के बीच अपने प्रॉफिट मार्जिन्स को बरकरार रख पाती है या नहीं।
