Zomato का शेयर आज **₹339.80** के 11 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। मार्च से अब तक इसमें **60%** की जोरदार तेजी आई है। निवेशक कंपनी के **20%** मीडियम-टर्म ग्रोथ गोल और Blinkit के जरिए विज्ञापन रेवेन्यू बढ़ाने के फैसले से काफी उत्साहित हैं।
बाजार की चाल और तेजी के आंकड़े
मंगलवार के कारोबार में Zomato के शेयरों ने ₹339.80 का लेवल छू लिया, जो पिछले 11 महीनों का उच्चतम स्तर है। पिछले 5 सत्रों में शेयर 8% से ज्यादा चढ़ चुका है। अगर मार्च के ₹212.55 के निचले स्तर से तुलना करें, तो कंपनी के शेयर में जबरदस्त रिकवरी देखी गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर आज 1.43 करोड़ शेयर ट्रेड हुए, जो औसत वॉल्यूम से 1.5 गुना ज्यादा हैं।
एफिशिएंसी पर कंपनी का नया दांव
Jefferies Forum में मैनेजमेंट के बयानों के बाद बाजार का सेंटिमेंट बदला है। अब कंपनी ग्राहकों को लुभाने के लिए भारी-भरकम डिस्काउंट देने के बजाय 'ऑपरेशनल लेवरेज' (Operational Leverage) पर फोकस कर रही है। यानी, कंपनी की कोशिश है कि रेवेन्यू उसकी लागत (Cost) से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़े। इसके साथ ही, Blinkit की डिलीवरी रिलायबिलिटी पर भी कंपनी का पूरा जोर है।
Blinkit और 'District' से उम्मीदें
मुनाफे की रणनीति में Blinkit के विज्ञापन रेवेन्यू का बड़ा योगदान होगा। कंपनी का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2028 तक Blinkit पर विज्ञापनों से ₹2,000 करोड़ का EBITDA मिल सकता है। इसके अलावा, कंपनी 'District' प्लेटफॉर्म के जरिए 'गोइंग आउट' (Going-out) मार्केट में भी कदम रख रही है, जो एंटरटेनमेंट और डाइनिंग को एक ही ऐप में समेट देगा।
कॉम्पिटिशन और रिस्क का पहलू
शेयर में तेजी के बावजूद निवेशकों को सचेत रहने की जरूरत है। Swiggy Instamart और Zepto जैसे बड़े खिलाड़ी क्विक-कॉमर्स मार्केट में कड़ी टक्कर दे रहे हैं। 5-6% के मार्जिन टारगेट को बनाए रखने के लिए कंपनी को बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। चूंकि कंपनी का वैल्यूएशन पारंपरिक बिजनेस की तुलना में अधिक है, इसलिए बाजार की उम्मीदों के अनुसार नतीजे न आने पर स्टॉक पर दबाव भी दिख सकता है।
