Zerodha के फाउंडर Nithin Kamath ने Margin Trading के बढ़ते चलन पर गंभीर चिंता जताई है। मार्केट में कर्ज लेकर ट्रेडिंग करने का आंकड़ा अब **₹1.43 लाख करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, जो बाजार में बड़े जोखिम का संकेत है।
बाजार पर मंडराता संकट (Systemic Risk)
Zerodha के फाउंडर Nithin Kamath ने कंपनी की 16वीं सालगिरह पर एक पत्र जारी कर साफ कर दिया है कि कर्ज लेकर शेयर बाजार में दांव लगाना खतरनाक साबित हो सकता है। यह चिंता इसलिए बड़ी है क्योंकि पूरे इंडस्ट्री में मार्जिन लोन का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 53% बढ़कर ₹1.43 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है।
Zerodha का हाल और लिवरेज का जाल
अगर खुद Zerodha की बात करें, तो कंपनी का मार्जिन ट्रेडिंग बुक लगभग ₹9,000 करोड़ है, जिसमें से क्लाइंट्स करीब ₹6,000 करोड़ का कर्ज ले चुके हैं। यह रकम कंपनी की कुल नेट वर्थ का लगभग 25% है। भले ही यह बिजनेस कंपनी के रेवेन्यू में 10% का योगदान देता है, लेकिन Kamath का मानना है कि यह आम रिटेल निवेशकों के लिए बिल्कुल नहीं है, क्योंकि लिवरेज मुनाफा तो बढ़ा सकता है, लेकिन गिरावट के समय यह आपकी पूरी पूंजी साफ कर सकता है।
क्यों डर रहे हैं एक्सपर्ट्स?
समस्या तब शुरू होती है जब बाजार में बड़ी गिरावट आती है। अगर गिरवी रखे गए शेयरों की वैल्यू कम होती है, तो ब्रोकर क्लाइंट से और कैश की मांग करते हैं। अगर क्लाइंट पैसा नहीं दे पाता, तो ब्रोकर को अपना पैसा बचाने के लिए मजबूरन शेयर बेचने पड़ते हैं।
इसे 'मार्केट कंटाजियन' (Market Contagion) कहते हैं। यदि एक साथ कई निवेशक अपनी पोजीशन काटते हैं, तो मार्केट में गिरावट और तेज हो जाती है, जिससे और ज्यादा फोर्सड लिक्विडेशन का चक्र शुरू हो जाता है। Kamath ने यह भी संकेत दिया है कि भारतीय बाजार अब एक 'कूलिंग फेस' में जा रहा है, जहां अब ग्रोथ के बजाय जोखिमों को मैनेज करना ज्यादा जरूरी है।
