देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म Zerodha का FY26 का नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहा है और यह **₹4,283 करोड़** पर आ गया है। रेगुलेटरी बदलावों के कारण कंपनी की कोर ब्रोकरेज इनकम में **10.7%** की गिरावट दर्ज की गई है।
ब्रोकरेज इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी Zerodha के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। एक प्राइवेट कंपनी होने के नाते इसके आंकड़े शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं, लेकिन कंपनी ने ₹4,283 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹4,231 करोड़ के मुकाबले लगभग फ्लैट है।
कमाई पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी की ग्रोथ को रोकने में रेगुलेटरी माहौल का बड़ा हाथ रहा है। भारतीय बाजार में F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) ट्रेडिंग पर बढ़ती सख्ती, जैसे कि ज्यादा Securities Transaction Tax (STT) और साप्ताहिक एक्सपायरी (Weekly Expiry) पर कड़े नियमों ने वॉल्यूम को प्रभावित किया है। साथ ही, एक्सचेंज रिबेट्स बंद होने से कंपनी की ट्रांजैक्शन चार्ज से होने वाली कमाई अब शून्य हो गई है।
'मार्जिन ट्रेडिंग' की ओर झुकाव
कोर ब्रोकरेज बिजनेस में 10.7% की गिरावट (कम होकर ₹2,738 करोड़) के बाद कंपनी अब अपना पूरा ध्यान Margin Trading Facility (MTF) पर लगा रही है। यह सुविधा ग्राहकों को लोन लेकर शेयर्स होल्ड करने में मदद करती है। कंपनी की इस बुक का साइज बढ़कर ₹9,000 करोड़ पहुंच गया है और यह अब कुल रेवेन्यू का लगभग 10% हिस्सा है।
हालाँकि, यह नया रास्ता जोखिम भरा भी है। मैनेजमेंट ने आगाह किया है कि ग्राहकों का उधार कंपनी की नेट वर्थ का लगभग 25% हो गया है। बाजार में किसी भी तरह की अस्थिरता आने पर यह रिस्क कंपनी के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।
बदल रहा है मार्केट डायनामिक्स
Zerodha रेवेन्यू के लिहाज से अभी भी टॉप पर बनी हुई है, लेकिन Angel One और Groww जैसे प्रतिस्पर्धी अपनी रफ्तार बनाए हुए हैं। अब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और US इन्वेस्टिंग जैसे नए विकल्पों पर काम कर रही है ताकि रेगुलेटरी अनिश्चितताओं के बीच अपनी बढ़त को बरकरार रखा जा सके।
