Yes Bank ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले **34%** बढ़कर **₹1,070 करोड़** हो गया है। इस ग्रोथ में ऑपरेटिंग प्रॉफिट में **25%** की बढ़ोतरी और एसेट क्वालिटी में सुधार का बड़ा हाथ रहा।
मुनाफे का रॉकेट, Yes Bank!
Yes Bank ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें ₹10.7 अरब (यानी ₹1,070 करोड़) का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 34% की ज़बरदस्त छलांग है। बैंक के प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 25% की बढ़ोतरी और बैड लोंस (Slippages) में कमी ने इस शानदार प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, इस तिमाही में प्रोविजनिंग (Redeemed Securities के लिए) बढ़ने के कारण क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर आधार पर प्रॉफिट सपाट रहा।
लोन ग्रोथ में तेज़ी, खासकर कॉर्पोरेट्स से
बैंक के लोन बुक में दमदार मोमेंटम देखने को मिला है, जिसमें साल-दर-साल 18% की तेज़ी आई है। इस विस्तार का एक बड़ा हिस्सा कॉर्पोरेट बैंकिंग सेगमेंट से आया है, जो इस तिमाही में 40% बढ़ा है। बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में भी सुधार हुआ है, जो दर्शाता है कि बैंक अपने द्वारा कमाए जाने वाले इंटरेस्ट और जमाकर्ताओं को दिए जाने वाले इंटरेस्ट के बीच का अंतर बढ़ाने में कामयाब रहा है। इसके अलावा, बैंक ने ऑपरेटिंग एक्सपेंस को कुशलता से मैनेज किया है और अपने रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (RIDF) बुक को लगातार कम किया है।
फाइनेंशियल हेल्थ और ब्रोकरेज की नज़र
बैंक की रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) इस तिमाही में 0.9% रही, जो पिछले साल की 0.8% की तुलना में बेहतर है। हालांकि, यह पिछली तिमाही के मुकाबले थोड़ी कम है।
इस बीच, ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने Yes Bank के शेयर पर अपना 'न्यूट्रल' (Neutral) रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹21 से बढ़ाकर ₹24 कर दिया है। यह नया टारगेट 2028 के फाइनेंशियल ईयर के अनुमानित बुक वैल्यू के लगभग 1.2 गुना पर आधारित है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि बैंक 2028 के फाइनेंशियल ईयर तक लगभग 14% की लोन कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल कर लेगा और 1% के आसपास ROA बनाए रखेगा।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
आगे चलकर, निवेशकों को बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता, खासकर बदलते इंटरेस्ट रेट माहौल में, और लोन ग्रोथ की मौजूदा रफ़्तार को बनाए रखने की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। बैड लोंस में कमी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन भविष्य की प्रोविजनिंग का बॉटम लाइन पर पड़ने वाले असर पर भी ध्यान देना होगा। शेयरधारकों के लिए यह देखना भी अहम होगा कि बैंक अपने कॉर्पोरेट लेंडिंग ग्रोथ को आने वाली तिमाहियों में स्थिर रिटर्न रेशियो के साथ कैसे संतुलित कर पाता है।
