ICICI Securities ने Wipro के शेयर के लिए अपना टारगेट प्राइस घटाकर **₹153** कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के कमजोर ग्रोथ गाइडेंस और धीमी डील मोमेंटम को इसका मुख्य कारण बताया है।
क्यों घटाई टारगेट प्राइस?
ICICI Securities ने Wipro पर अपना रुख थोड़ा नरम करते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹153 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने यह कदम कंपनी के लगातार रेवेन्यू (Revenue) में आ रही चुनौतियों को देखते हुए उठाया है। अपनी ताजा रिपोर्ट में, ब्रोकरेज ने 'Reduce' रेटिंग को बरकरार रखा है, जिसका मुख्य कारण मैनेजमेंट द्वारा 2027 फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही के लिए दिया गया -1.5% से +0.5% तक का कमजोर ऑर्गेनिक रेवेन्यू गाइडेंस है। कंपनी का मानना है कि मैक्रोइकॉनोमिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण क्लाइंट खर्चों पर असर पड़ रहा है।
घटते डील बुकिंग का असर
निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता यह है कि नए बिज़नेस की बुकिंग में कमी आई है। डील की बुकिंग में पिछले साल के मुकाबले गिरावट देखी गई है, और मैनेजमेंट का कहना है कि कई डील क्लोजर अगले क्वार्टर तक टल गए हैं। डील बुकिंग भविष्य के रेवेन्यू का एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर (Indicator) होती है, और इस देरी से यह संकेत मिलता है कि कंपनी को निकट भविष्य में अपने टॉप-लाइन ग्रोथ (Top-line Growth) को बढ़ाने में मुश्किल हो सकती है।
प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव और बढ़ते खर्चे
Wipro की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर भी दबाव देखा गया है। IT सर्विसेज मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 100 बेसिस पॉइंट घटकर 16.0% पर आ गए हैं। मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से सालाना सैलरी हाइक (Salary Hike) के कारण कर्मचारी लागत में बढ़ोतरी और हाल ही में मिले बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स (Contracts) को शुरू करने की शुरुआती लागतों के कारण है। इसके अलावा, कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भी भारी निवेश कर रही है। हालांकि ये पहलें भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ये फिलहाल शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट मार्जिन पर बोझ डाल रही हैं।
एग्जीक्यूशन (Execution) और पीयर (Peer) तुलना
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, Wipro का रेवेन्यू ग्रोथ उसके बड़े IT पीयर्स (Peers) से पिछड़ रहा है, जिससे एग्जीक्यूशन एफिशिएंसी (Execution Efficiency) को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इन लगातार ग्रोथ और मार्जिन की दिक्कतों के जवाब में, ICICI Securities ने 2027 और 2028 फाइनेंशियल ईयर के लिए अर्निंग्स पर शेयर (Earnings Per Share - EPS) का अनुमान लगभग 2.5% कम कर दिया है।
निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि Wipro अपनी एग्जीक्यूशन स्पीड (Execution Speed) को कैसे सुधारता है और डील कन्वर्जन रेट (Deal Conversion Rate) को कैसे स्थिर करता है। कंपनी का भविष्य का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि वह लागत के दबाव को कैसे प्रबंधित करती है और IT सर्विसेज की चुनौतीपूर्ण मांग वाले माहौल में कैसे नेविगेट करती है। ब्रोकरेज द्वारा निर्धारित वैल्यूएशन ₹14 के अनुमानित 2028 फाइनेंशियल ईयर के प्रति शेयर आय (EPS) के 11 गुना मल्टीपल (Multiple) पर आधारित है।
