IT दिग्गज Wipro **15 अक्टूबर, 2026** को अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने जा रही है। बाजार को रेवेन्यू ग्रोथ धीमी रहने का अनुमान है, लेकिन लागत में कटौती और वेतन वृद्धि न होने के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
Wipro के निवेशक 15 अक्टूबर, 2026 को आने वाली तिमाही नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। धीमी ग्रोथ वाले माहौल में कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे मैनेज करती है, यह देखना सबसे महत्वपूर्ण होगा।
मार्जिन पर निवेशकों की नजर
बाजार की मुख्य दिलचस्पी कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में है। ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि कंपनी के मार्जिन में 40 से 78 बेसिस पॉइंट्स तक का सुधार देखने को मिल सकता है। इसकी बड़ी वजह कंपनी द्वारा अपनाई गई कॉस्ट-सेविंग पहल और हाल के दिनों में किसी भी तरह की वेतन वृद्धि (wage hikes) का न होना है।
रेवेन्यू का क्या है हाल?
रेवेन्यू फ्रंट पर स्थिति थोड़ी चिंताजनक है। कंपनी ने स्वयं IT सर्विसेज के रेवेन्यू में -1.5% से +0.5% के दायरे का गाइडेंस दिया है। क्लाइंट्स द्वारा टेक खर्च में कमी और बड़ी डील्स के कन्वर्जन में देरी के कारण विकास दर सुस्त बनी हुई है, जिसका असर अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में भी साफ दिख रहा है।
जोखिम और चुनौतियां
कंपनी के सामने हालिया अधिग्रहणों के इंटीग्रेशन और नई डील्स को तेजी से लागू करने की बड़ी चुनौती है। निवेशकों की नजरें मैनेजमेंट की उस कमेंट्री पर होंगी जो डील कन्वर्जन की गति पर रोशनी डालेगी। बता दें कि इस साल Wipro के शेयरों में लगभग 35% की गिरावट आई है, जिसके चलते शेयरधारकों की निगाहें डिविडेंड और कैपिटल एलोकेशन पर टिकी हैं।
साथ ही, कंपनी की ट्रेडिंग विंडो 16 सितंबर से बंद है, जो 17 अक्टूबर को फिर से खुलेगी। नतीजों के बाद मैनेजमेंट का आने वाली तिमाहियों को लेकर नजरिया ही शेयर की अगली चाल तय करेगा।
