Wipro Q1 Results: रेवेन्यू में गिरावट, लेकिन ब्रोकरेज की नजरें इन बड़े सौदों पर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Wipro Q1 Results: रेवेन्यू में गिरावट, लेकिन ब्रोकरेज की नजरें इन बड़े सौदों पर

Wipro ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अपने रेवेन्यू में **1.2%** की गिरावट दर्ज की है। बड़े सौदों (Large Deal Wins) में जोरदार बढ़ोतरी के बावजूद, कंपनी को मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ा, जिसके चलते Motilal Oswal ने FY27 के अनुमानों में कटौती की है।

Wipro के Q1 के नतीजे

Wipro Limited ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने IT सर्विसेज रेवेन्यू $2.6 बिलियन दर्ज किया है, जो कि कांस्टेंट करेंसी (Constant Currency) के आधार पर पिछली तिमाही की तुलना में 1.2% कम है। यह प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों के अनुरूप ही रहा।

बड़े सौदों ने बढ़ाई उम्मीद, पर मार्जिन पर दबाव

हालांकि टॉप-लाइन ग्रोथ में नरमी दिखी, लेकिन कंपनी की बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की क्षमता पर फोकस रहा। इस तिमाही में साइन किए गए बड़े सौदों का कुल मूल्य $1.6 बिलियन रहा, जो पिछली तिमाही से 12.9% अधिक है। लेकिन, कुल ऑर्डर इनटेक (Order Intake), जिसमें छोटे प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं, कांस्टेंट करेंसी के आधार पर तिमाही-दर-तिमाही 2.4% गिर गया। इससे IT सेक्टर की मांग में मिली-जुली तस्वीर दिख रही है।

मुनाफे पर भी असर

मुनाफे के मोर्चे पर, एडjusted EBIT (Earnings Before Interest and Taxes) मार्जिन 16% पर रहा, जो Motilal Oswal द्वारा अनुमानित 16.1% से थोड़ा कम है। तिमाही के लिए, कंपनी का एडjusted Profit After Tax (PAT) ₹34 बिलियन रहा, जो पिछली तिमाही से 4.7% अधिक है और अनुमानों के मुताबिक ही है।

ब्रोकरेज की राय और आगे की रणनीति

Motilal Oswal ने पहली तिमाही के मार्जिन और कमजोर ऑर्गेनिक ग्रोथ ट्रेंड्स को देखते हुए FY27 के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के अनुमान को लगभग 3.5% कम कर दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर न्यूट्रल (Neutral) की अपनी राय बरकरार रखी है और शेयर का वैल्यूएशन 11x FY28 अर्निंग्स पर रखा है।

निवेशकों के लिए, यह देखना अहम होगा कि कंपनी साइन किए गए बड़े सौदों को आने वाली तिमाहियों में वास्तविक रेवेन्यू ग्रोथ में कैसे बदल पाती है। IT सेक्टर फिलहाल ऐसे दौर से गुजर रहा है जहाँ क्लाइंट्स खर्चों को लेकर सतर्क हैं, ऐसे में एग्जीक्यूशन की रफ़्तार और मार्जिन की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है। भविष्य में मैनेजमेंट की कमेंट्री से डिमांड विजिबिलिटी, यूटिलाइजेशन रेट्स में सुधार और लंबी अवधि के ऑपरेटिंग मार्जिन पर रीस्ट्रक्चरिंग के प्रभाव पर अपडेट मिलने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.