Telecom कंपनी Vodafone Idea पर ब्रोकरेज हाउस HSBC ने 'reduce' रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने स्टॉक का टारगेट प्राइस **₹8.25** तय किया है और कंपनी के बढ़ते कर्ज और स्पेक्ट्रम लायबिलिटीज को लेकर चिंता जताई है।
टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी Vodafone Idea इस समय निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। हालिया रिपोर्ट में HSBC ने स्टॉक पर 'reduce' रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹8.25 रखा है। मौजूदा स्तरों से यह करीब 47% नीचे है, जो कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को लेकर बड़े जोखिम की ओर इशारा करता है।
स्पेक्ट्रम पेमेंट का दबाव
ब्रोकरेज की मुख्य चिंता कंपनी के कैश फ्लो को लेकर है। भले ही कंपनी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही है, लेकिन HSBC का मानना है कि FY29 से शुरू होने वाले स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए कंपनी का इंटरनल कैश फ्लो पर्याप्त नहीं होगा। सरकार को किए जाने वाले ये भारी भुगतान कंपनी की लिक्विडिटी पर बड़ा दबाव डालेंगे।
कानूनी राहत के बाद भी चुनौतियां बरकरार
हाल ही में कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से थोड़ी राहत जरूर मिली है, जहां कोर्ट ने ₹363 करोड़ के जीएसटी डिमांड से जुड़ी सरकारी याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि, यह राहत कंपनी की बड़ी समस्याओं के आगे छोटी है। हालिया नतीजों (Q1 FY27) में कंपनी को ₹3,754 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। कंपनी पर अभी भी भारी-भरकम कर्ज का बोझ है।
प्रतिस्पर्धा और भविष्य का रास्ता
Vodafone Idea को अगले तीन सालों में लगभग ₹49,000 करोड़ के स्पेक्ट्रम बकाया का भुगतान करना है। कंपनी इसके लिए EBITDA में सुधार और नए बैंक फंडिंग पर निर्भर है। वहीं, Reliance Jio और Bharti Airtel जैसे बड़े कॉम्पिटिटर्स से मिल रही कड़ी चुनौती के बीच सब्सक्राइबर बेस को बचाए रखना और 5G नेटवर्क अपग्रेड करना कंपनी के मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी परीक्षा है। निवेशकों को कंपनी के कर्ज भुगतान की प्रोग्रेस और टैरिफ ट्रेंड्स पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
