वैल्यू रिटेलर Vishal Mega Mart पर ICICI Securities ने अपनी कवरेज शुरू कर दी है। ब्रोकरेज ने कंपनी को 'Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹150 रखा है। ICICI Securities को उम्मीद है कि कंपनी FY28 तक रेवेन्यू में **19%** का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करेगी।
Detailed Coverage
ICICI Securities की रिपोर्ट में क्या है खास?
ICICI Securities ने हाल ही में Vishal Mega Mart पर अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी के वैल्यू रिटेल सेगमेंट में मजबूत पकड़ का जिक्र किया गया है। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं और वित्तीय सेहत का आकलन करते हुए शेयर के लिए ₹150 का टारगेट प्राइस तय किया है।
Vishal Mega Mart ने अपने हालिया तिमाही नतीजों में दमदार प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब ₹37 अरब रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 18.7% ज्यादा है। इस बढ़ोतरी में मौजूदा स्टोर्स से 10% की सेल्स ग्रोथ और नए स्टोर्स के खुलने का भी बड़ा योगदान रहा।
दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट, जिसे EBITDA भी कहा जाता है, पिछले साल के मुकाबले 19.3% बढ़कर ₹3.9 अरब हो गया है, जिससे इसका मार्जिन 10.4% रहा। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 25.6% का उछाल देखा गया और यह ₹2.6 अरब तक पहुंच गया। इन मार्जिन में कंपनी के प्राइवेट लेबल प्रोडक्ट्स का बड़ा हाथ है, जो कुल रेवेन्यू का करीब 75% हैं। अपने ब्रांड्स पर फोकस करके कंपनी लागत को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाती है और तीसरे पक्ष के उत्पादों को बेचने की तुलना में अपने प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ा सकती है।
विस्तार की रणनीति और कस्टमर बेस
कंपनी फिलहाल एसेट-लाइट एक्सपेंशन मॉडल अपना रही है, खासकर देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में। इस स्ट्रैटेजी का मकसद रिटेल स्पेस के मालिकाना हक से जुड़े भारी खर्चों को कम करना और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचना है। फिलहाल, कंपनी का कस्टमर बेस करीब 17.5 करोड़ सदस्यों का है, जो कुल रेवेन्यू का लगभग 95% योगदान करते हैं। यह कस्टमर लॉयल्टी उन रिटेलर्स के लिए काफी अहम होती है जो प्राइस-सेंसिटिव ग्राहकों से बार-बार खरीदारी की उम्मीद करते हैं।
आगे का आउटलुक और निवेशकों के लिए अहम बातें
ICICI Securities का अनुमान है कि Vishal Mega Mart वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच रेवेन्यू में 19%, EBITDA में 20%, और PAT में 25% का CAGR हासिल कर सकती है। हालांकि, रिपोर्ट सकारात्मक तस्वीर पेश करती है, लेकिन निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी कच्चे माल की बढ़ती लागतों को कैसे मैनेज करती है, साथ ही अपने मुख्य ग्राहकों के लिए एंट्री-लेवल प्रोडक्ट्स को किफायती बनाए रखती है या नहीं। रिटेल सेक्टर में कड़ा मुकाबला है, और नए जियोग्राफी में विस्तार करते हुए स्टोर की एफिशिएंसी बनाए रखना लंबी अवधि की प्रॉफिटेबिलिटी के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर बना रहेगा। कंपनी की अंतिम परफॉर्मेंस उसके विस्तार की योजनाओं को लागू करने और मौजूदा कंज्यूमर डिमांड को बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
