Vedanta Aluminum ने पिछले साल के मुकाबले एल्युमीनियम उत्पादन में **5%** की बढ़त दर्ज की है, जो कि **632 किलोटन** रहा। BALCO स्मेल्टर में क्षमता विस्तार (capacity expansion) इसका मुख्य कारण है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में **8%** बढ़कर **₹214 बिलियन** हो गया। लेकिन, Lanjigarh एल्युमिना रिफाइनरी में कुछ समय के लिए परिचालन (operational) में बदलाव के चलते उत्पादन में गिरावट आई है।
Vedanta Aluminum के प्रोडक्शन पर खास अपडेट
Vedanta Aluminum ने FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें साल-दर-साल आधार पर एल्युमीनियम उत्पादन में 5% की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल उत्पादन 632 किलोटन रहा, जिसका मुख्य श्रेय BALCO स्मेल्टर में क्षमता विस्तार को जाता है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹214 बिलियन पर पहुंच गया, जो लंदन मेटल एक्सचेंज (London Metal Exchange) पर मेटल की कीमतों में आई तेजी से भी समर्थित है।
Lanjigarh रिफाइनरी में आई दिक्कतें
हालांकि, कंपनी की Lanjigarh एल्युमिना रिफाइनरी ने साल-दर-साल के हिसाब से उत्पादन में 40% की वृद्धि करते हुए 826 किलोटन का आंकड़ा छुआ, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में उत्पादन में गिरावट आई है। पिछले क्वार्टर में यह 882 किलोटन था। यह गिरावट रिफाइनरी में बॉक्साइट हैंडलिंग सिस्टम, रेड मड फिल्ट्रेशन प्रोसेस और पावर प्लांट ऑपरेशंस में हुए अस्थायी परिचालन बदलावों के कारण देखी गई।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
निवेशकों के लिए Lanjigarh रिफाइनरी के संचालन में स्थिरता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा। Vedanta Aluminum को बिक्री की मात्रा (sales volume) और ग्लोबल मेटल प्राइसिंग से फायदा हो रहा है, लेकिन एल्युमिना का लगातार उत्पादन बनाए रखना मार्जिन को बनाए रखने और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए बहुत जरूरी है।
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने हाल ही में FY28 के लिए कंपनी के अर्निंग अनुमानों (earnings projections) को बरकरार रखा है। कंपनी का भविष्य Lanjigarh रिफाइनरी में संचालन को सामान्य करने और विस्तार पर किए गए पूंजीगत व्यय (capital spending) से जुड़ी लागतों को प्रबंधित करने की क्षमता पर निर्भर करेगा। बाजार सहभागियों को आने वाली तिमाहियों में रिफाइनरी के उत्पादन की स्थिरता पर और अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।
