Choice Broking ने Varun Beverages (VBL) पर 'Buy' रेटिंग दी है, जिसका टारगेट प्राइस **₹550** रखा गया है। कंपनी अब अपनी नई सब्सिडियरी KIVA Spirits के जरिए अल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर में कदम रख रही है, हालांकि साल 2026 में शेयर में **15%** की गिरावट आई है।
स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव
Varun Beverages ने रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) अल्कोहलिक बेवरेज मार्केट में उतरने की अपनी योजना को तेज कर दिया है। कंपनी ने 25 अगस्त, 2026 को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी 'KIVA Spirits and Company Limited' के गठन की घोषणा की। इस नए वेंचर को संभालने के लिए कंपनी ने Diageo के पूर्व एग्जीक्यूटिव प्रथमेश मिश्रा को CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया है। यह कदम कंपनी के पारंपरिक सॉफ्ट ड्रिंक, पानी और डेयरी बिजनेस से हटकर प्रीमियम ड्रिंक मार्केट में अपनी पैठ जमाने की कोशिश है।
इंटरनेशनल मार्केट में विस्तार
केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, कंपनी इंटरनेशनल मार्केट में भी आक्रामक है। ट्यूनीशिया में एक जॉइंट वेंचर के जरिए कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन कैपेसिटी बढ़ा रही है, जिसमें VBL की 75% हिस्सेदारी होगी। अफ्रीका जैसे बाजारों में विस्तार का मुख्य उद्देश्य भारत के क्लाइमेट-सेंसिटिव डिमांड साइकिल पर निर्भरता को कम करना है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस और चुनौतियां
कंपनी ने 28 जुलाई, 2026 को Q2 2026 के नतीजे पेश किए थे, जिसमें रेवेन्यू में 20.4% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 76 बेसिस पॉइंट्स घटकर 27.7% पर आ गया है, जिसका मुख्य कारण Twizza जैसे हालिया अधिग्रहण और नए बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ भारी खर्च है।
निवेशकों के लिए चुनौती यह है कि अल्कोहलिक बेवरेज का बिजनेस, सॉफ्ट ड्रिंक के मुकाबले काफी अलग है और इसमें भारत के राज्य-वार जटिल डिस्ट्रीब्यूशन कानूनों को समझना जरूरी होगा। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि KIVA Spirits कितनी तेजी से कंपनी के मुनाफे में योगदान देना शुरू करती है और मैनेजमेंट मार्जिन को कैसे बनाए रखता है।
