Urban Company ने अपने विस्तार के लिए Qualified Institutional Placement (QIP) के जरिए **₹2,500 करोड़** जुटाने का बड़ा ऐलान किया है। इस खबर के आते ही कंपनी के शेयरों में **5%** की तेजी दर्ज की गई है।
बड़े फंड जुटाने की तैयारी
Urban Company अपने बिजनेस को रफ्तार देने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह QIP के जरिए ₹2,500 करोड़ मार्केट से जुटाएगी। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने 'Native' AC लाइन और InstaHelp सर्विस सेगमेंट को बड़े पैमाने पर फैलाने के लिए करेगी।
नतीजों का हाल
सितंबर तिमाही के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे मिला-जुला असर दिखा रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 41% बढ़कर ₹537 करोड़ पहुंच गया है, जो एक मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है। हालांकि, मार्केट एक्सपेंशन और नई सर्विसेज में भारी निवेश की वजह से कंपनी को इस तिमाही में ₹182 करोड़ का नेट लॉस हुआ है।
ब्रोकरेज हाउस की राय
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स इस फैसले पर बंटे हुए नजर आ रहे हैं:
- Morgan Stanley: इन्होंने 'Overweight' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹190 का टारगेट प्राइस दिया है। इनका मानना है कि कंपनी का कोर बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है और वे वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही तक EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल कर सकते हैं।
- Goldman Sachs: इन्होंने 'Neutral' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹130 रखा है। ब्रोकरेज ने कंपनी के वैल्यूएशन और 'Native' ब्रांड के भविष्य को लेकर कुछ चिंताएं जाहिर की हैं।
आगे की राह
कंपनी के मैनेजमेंट का फोकस अब यूनिट इकोनॉमिक्स को स्टेबल करने पर है। निवेशकों के लिए सबसे जरूरी यह देखना होगा कि जुटाई गई रकम का सही तरीके से इस्तेमाल कैसे होता है और कब तक कंपनी अपने नई बिजनेस लाइन्स से मार्जिन कमाना शुरू करती है।
