United Spirits के सितंबर तिमाही के नतीजों में रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट भले ही गिरा हो, लेकिन बेहतर ग्रॉस मार्जिन के दम पर निवेशकों ने स्टॉक को हाथों-हाथ लिया है। हालांकि, वॉल्यूम में कमी चिंता का विषय बनी हुई है।
बाजार की चाल और प्रदर्शन
NSE पर United Spirits का शेयर 4% की तेजी के साथ ₹1,278 के स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों का फोकस कंपनी के टॉप-लाइन ग्रोथ की कमी के बजाय उसके मार्जिन सुधार पर रहा। Diageo समर्थित इस कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 7.75% गिरकर ₹428 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेशंस से रेवेन्यू 2.56% घटकर ₹7,014 करोड़ पर सिमट गया।
मार्जिन में सुधार की वजह
शेयर में तेजी की मुख्य वजह कंपनी का ग्रॉस मार्जिन है, जो 88 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 48% हो गया। बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और प्रोडक्टिविटी गेन्स की बदौलत कंपनी ऊंचे एडवरटाइजिंग खर्चों को मैनेज करने में कामयाब रही। यह प्रदर्शन बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा, जिससे निवेशकों को राहत मिली है।
वॉल्यूम और डिमांड पर दबाव
कंपनी के लिए डिमांड का संकट अभी टला नहीं है। 'प्रीमियम एंड अबव' कैटेगरी में वॉल्यूम 1% घटा है, जबकि 'रेगुलर' सेगमेंट में 30% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मार्केटिंग खर्च में 57% की भारी बढ़ोतरी के कारण EBITDA मार्जिन 146 बेसिस पॉइंट्स घटकर 19.7% रह गया, जो चुनौतीपूर्ण बाजार को दर्शाता है।
ब्रोकरेज का नजरिया
- Jefferies: कंपनी के कैश फ्लो को देखते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है और ₹1,560 का टारगेट रखा है। कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹1,100 करोड़ रहा है।
- CLSA: ब्रोकरेज ने 'Hold' रेटिंग के साथ ₹1,303 का टारगेट तय किया है। उनका मानना है कि रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान से कम है और प्रीमियम सेगमेंट में सुस्ती पर नजर रखना जरूरी है।
आने वाले समय में कंपनी का जोर इस बात पर रहेगा कि क्या हाई मार्केटिंग खर्च का असर मार्केट शेयर बढ़ने के रूप में दिखता है या यह मुनाफे पर और दबाव डालेगा।
