Choice Institutional Equities ने Unimech Aerospace and Manufacturing पर अपना कवरेज शुरू करते हुए **₹1,950** का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी की एयरोस्पेस टूलिंग में बढ़ती पकड़ और एविएशन मेंटेनेंस सर्विस की मांग को इसकी ग्रोथ का मुख्य आधार माना जा रहा है।
टारगेट प्राइस और वैल्युएशन का गणित
ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक को ₹1,950 का टारगेट दिया है। इसके लिए उन्होंने दो मुख्य वैल्युएशन तरीके अपनाए हैं—डिस्काउंटेड कैश फ्लो मॉडल और 2028-2029 की अर्निंग मल्टीपल्स। यह साफ दर्शाता है कि विश्लेषक आने वाले कुछ वर्षों में कंपनी के ऑपरेशन्स में बड़ी स्केल-अप की उम्मीद कर रहे हैं।
बिजनेस मॉडल की मजबूती
कंपनी का पूरा फोकस 'एयरोटूलिंग' (Aerotooling) पर है, जो एयरक्राफ्ट के पुर्जे बनाने और असेंबल करने में काम आते हैं। डेटा देखें तो कंपनी ने अपने क्वालिफाइड स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स की संख्या को 2022 के फाइनेंशियल ईयर में 932 से बढ़ाकर अब 6,300 के पार पहुंचा दिया है। यह तेजी से बढ़ता हुआ दायरा कंपनी की मार्केट शेयर बढ़ाने की आक्रामक रणनीति को दिखाता है।
एयरोस्पेस सेक्टर की बड़ी तस्वीर
ग्लोबल मार्केट में करीब 17,000 एयरक्राफ्ट का बैकअप पेंडिंग है। जैसे-जैसे ये विमान सर्विस में आएंगे, वैसे-वैसे मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) की जरूरत बढ़ेगी। ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक, 2036 तक MRO मार्केट $193 बिलियन तक पहुंच सकता है। Unimech अपनी स्पेशलाइज्ड टूलिंग के जरिए इस रेवेन्यू स्ट्रीम का बड़ा हिस्सा हासिल करना चाहती है।
क्या हैं रिस्क?
एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री की राह आसान नहीं होती। यहां काम करने के लिए जटिल सेफ्टी सर्टिफिकेशन और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को बनाए रखना अनिवार्य है, जो एक बड़ा बिजनेस बैरियर भी है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे कंपनी के ऑर्डर बुक की ग्रोथ और टूलिंग कॉन्ट्रैक्ट्स को प्रोडक्शन साइकिल में बदलने की क्षमता पर नजर बनाए रखें, क्योंकि इस सेक्टर में ग्रोथ हमेशा लीनियर (सीधी) नहीं होती है।
