UltraTech Cement ने 'Ultravolt' ब्रांड के साथ वायर्स और केबल सेक्टर में कदम रखा है। कंपनी इस नए कारोबार में **₹1,800 करोड़** का निवेश करेगी। इस खबर के बाद UltraTech के शेयरों में **2%** की तेजी दिखी, जबकि दिग्गज केबल कंपनियों के शेयर **9%** तक गिर गए।
बाजार में नई हलचल
Aditya Birla Group की कंपनी UltraTech Cement अब अपने मुख्य बिजनेस से हटकर नए सेक्टर में दांव लगा रही है। कंपनी ने 'Ultravolt' ब्रांड के तहत वायर्स और केबल बाजार में उतरने का ऐलान किया है। इस नए बिजनेस के लिए ₹1,800 करोड़ का शुरुआती कैपिटल निवेश तय किया गया है। कंपनी की रणनीति साफ है—उनके पास पहले से ही 5,000 से ज्यादा 'बिल्डिंग सॉल्यूशंस' आउटलेट्स और ठेकेदारों का एक मजबूत नेटवर्क है, जिसका फायदा इस नए सेगमेंट को सीधे मिलेगा।
ब्रोकरेज का क्या है कहना?
Brokerage हाउस Motilal Oswal ने इस फैसले पर भरोसा जताया है। उन्होंने शेयर पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹13,800 सेट किया है। जानकारों का मानना है कि अपनी मौजूदा सेल्स चैनल्स का इस्तेमाल कर कंपनी इस कॉम्पिटिटिव मार्केट में तेजी से जगह बना सकती है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 सालों में इस सेक्टर की टॉप 2 कंपनियों में शामिल होना है।
सेक्टर में मची खलबली
4 सितंबर, 2026 को बाजार में रिएक्शन काफी तेज था। जहां UltraTech का शेयर 2% चढ़ा, वहीं इंडस्ट्री के पुराने खिलाड़ियों जैसे Polycab, KEI Industries और RR Kabel के निवेशकों ने बिकवाली की। इन कंपनियों के शेयर 8% से 9% तक टूट गए। डर इस बात का है कि UltraTech के आने से मार्केट में प्राइस वॉर छिड़ सकता है, जो मौजूदा कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
आगे की चुनौतियां
भले ही कंपनी के पास डिस्ट्रीब्यूशन का पावर है, लेकिन सीमेंट बिजनेस और इलेक्ट्रिकल सेगमेंट में जमीन-आसमान का अंतर है। सप्लाई चेन मैनेजमेंट से लेकर क्वालिटी कंट्रोल तक, कंपनी के सामने बड़ी चुनौतियां होंगी। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या UltraTech अपनी इस नई योजना के साथ अपने कैश फ्लो को कैसे मैनेज करती है और क्या वे बिना मुनाफे से समझौता किए मार्केट शेयर हथिया पाते हैं।
