ICICI सिक्योरिटीज ने UTI एसेट मैनेजमेंट कंपनी (UTI AMC) पर अपनी कवरेज शुरू कर दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि FY28 के अनुमानित मुनाफे के हिसाब से कंपनी का वैल्यूएशन आकर्षक है। हालांकि, इक्विटी मार्केट शेयर और सब्सिडियरी के परफॉरमेंस से जुड़ी चुनौतियों पर भी नज़र रखनी होगी।
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UTI AMC का आकर्षक वैल्यूएशन: ICICI सिक्योरिटीज की नई रिपोर्ट
ICICI सिक्योरिटीज ने हाल ही में UTI एसेट मैनेजमेंट कंपनी (UTI AMC) पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि कंपनी का वैल्यूएशन मौजूदा समय में आकर्षक लग रहा है, खासकर वित्तीय वर्ष 2028 (FY28) के अनुमानित कोर प्रॉफिट को देखते हुए। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी FY28 में अपने कोर प्रॉफिट के लगभग 12 गुने पर ट्रेड कर सकती है।
मैनेजमेंट कॉस्ट पर कंट्रोल, पर एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में सुस्ती?
रिपोर्ट के अनुसार, UTI AMC ने अपने स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग खर्चों को कुशलता से मैनेज किया है। FY22 से FY26 के बीच, एकमुश्त खर्चों को छोड़कर, ऑपरेटिंग खर्चों में 5.9% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखी गई है। यह मैनेजमेंट की कॉस्ट कंट्रोल की क्षमता को दिखाता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY28 तक कंपनी के टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 12.6% और रेवेन्यू में 7.8% की बढ़ोतरी होगी। साथ ही, कोर प्रॉफिटेबिलिटी में 11.4% की सालाना वृद्धि का अनुमान है।
इक्विटी मार्केट शेयर में गिरावट और सब्सिडियरी का कम योगदान
लेकिन, कुछ चिंताएं भी हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। UTI AMC का इक्विटी AUM मार्केट शेयर FY26 में 20 बेसिस पॉइंट और FY27 की पहली तिमाही में 8 बेसिस पॉइंट घट गया है। इसी तरह, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) फ्लो शेयर में भी FY26 में 18 बेसिस पॉइंट की कमी आई, हालांकि FY27 की पहली तिमाही में इसमें 2 बेसिस पॉइंट का मामूली सुधार हुआ।
इसके अलावा, कंपनी की सब्सिडियरीज़ का प्रदर्शन भी खास नहीं रहा है। FY26 में इन सब्सिडियरीज़ ने ₹9.2 करोड़ और FY27 की पहली तिमाही में ₹50 लाख का ही प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) कमाया। ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले सालों में इनका सालाना योगदान ₹60-70 करोड़ के बीच ही रहने की संभावना है।
ICICI सिक्योरिटीज ने FY28 के लिए लगभग ₹45 प्रति शेयर के अनुमानित कोर अर्निंग पर 15 गुने का मल्टीपल लगाकर यह वैल्यूएशन निकाला है, जिसमें कंपनी के कैश इन्वेस्टमेंट को भी ध्यान में रखा गया है। भविष्य में, कंपनी की सफलता इक्विटी म्यूचुअल फंड सेगमेंट में मार्केट शेयर वापस पाने और सब्सिडियरीज़ के मुनाफे को बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
