UBS Report: मार्केट में गिरावट के बीच AI सेक्टर में जबरदस्त दम, इन शेयरों पर दांव लगाने की सलाह

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
UBS Report: मार्केट में गिरावट के बीच AI सेक्टर में जबरदस्त दम, इन शेयरों पर दांव लगाने की सलाह

ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस UBS ने AI सेक्टर को लेकर पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है। फर्म का मानना है कि हालिया बाजार गिरावट सिर्फ एक अस्थायी करेक्शन है। भारतीय बाजार के लिए UBS ने चुनिंदा सेक्टरों जैसे प्राइवेट बैंक, डेटा सेंटर प्रॉक्सी और क्विक कॉमर्स में निवेश का सुझाव दिया है।

AI का भविष्य अभी बाकी है

UBS की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ट्रेड अभी भी स्ट्रक्चरल ग्रोथ फेज में है। भले ही कोरिया और ताइवान जैसे बड़े टेक हब में हालिया गिरावट देखी गई है, लेकिन ब्रोकरेज इसे बुनियादी कमजोरी नहीं, बल्कि एक टेक्निकल करेक्शन मान रहा है। फर्म का अनुमान है कि साल 2027 तक AI-रिलेटेड कैपिटल इन्वेस्टमेंट $1.2 ट्रिलियन के स्तर को छू सकता है।

भारतीय बाजार: अब निवेश का सही मौका?

UBS ने भारतीय इकोनॉमी को लेकर 'कॉशियस ऑप्टिमिज्म' (सावधान आशावाद) का रुख अपनाया है। फर्म का कहना है कि भारतीय बाजार अब पहले के मुकाबले ज्यादा बेहतर स्थिति में है। जहां पिछले 3 सालों से वैल्यूएशन काफी हाई थे, वहीं अब मार्केट लेवल्स ज्यादा वाजिब नजर आ रहे हैं, बशर्ते अर्निंग्स ग्रोथ उम्मीदों के मुताबिक बनी रहे। साल 2026 के अंत तक इन्फ्लेशन 5% के आसपास स्थिर रहने का अनुमान है।

कहाँ लगाएं पैसा?

ब्रोकरेज ने निवेशकों को 'बॉटम-अप' अप्रोच अपनाने की सलाह दी है:

  • प्राइवेट सेक्टर बैंक: ये बैंक हाउसहोल्ड डिपॉजिट्स जुटाने में सफल रहे हैं और मजबूत नेटवर्क बना चुके हैं।
  • डेटा सेंटर प्रॉक्सी और क्विक कॉमर्स: इन उभरते हुए सेक्टरों में लंबी अवधि के लिए ग्रोथ के अच्छे मौके हैं।
  • IT सर्विसेज: ब्रोकरेज का मानना है कि IT सेक्टर पर अभी नजर रखने की जरूरत है, खासकर कंपनियों की हायरिंग ट्रेंड्स पर।

रिस्क फैक्टर्स जिन पर रखें नजर

हालांकि आउटलुक सकारात्मक है, लेकिन UBS ने कुछ चेतावनियां भी दी हैं। अमेरिकी AI सेक्टर में वैल्यूएशन काफी 'स्ट्रेच्ड' हैं, जो बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में बदलाव के प्रति काफी संवेदनशील हैं। इसके अलावा, क्विक कॉमर्स में कॉम्पिटिशन और मार्जिन का दबाव आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती हो सकता है। अंत में, मार्केट की चाल कॉर्पोरेट अर्निंग्स और ग्लोबल इन्फ्लेशन के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.