UBS का मिड-कैप पोर्टफोलियो पर बड़ा अपडेट
UBS ने भारतीय मिड-कैप कंपनियों के पोर्टफोलियो का रिव्यू किया है और कुछ अहम बदलाव किए हैं। Astral के लिए अच्छी खबर है, जहां 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी गई है। इसके पीछे PVC कीमतों में आई तेजी और कंपनी की विस्तार योजनाएं हैं। वहीं, Bharat Forge को 'Sell' रेटिंग मिली है, जिसकी वजह एनालिस्ट्स को कंपनी का वैल्यूएशन थोड़ा महंगा लग रहा है, भले ही डिफेंस सेक्टर में उसकी पकड़ मजबूत हो। Angel One और Bandhan Bank को फिलहाल 'Neutral' रेटिंग पर रखा गया है, क्योंकि वे अपने-अपने सेक्टर की खास चुनौतियों से निपट रहे हैं।
Astral: PVC दाम बढ़े, मार्जिन में सुधार की उम्मीद
UBS का मानना है कि Astral को 'Buy' रेटिंग देते रहने का मुख्य कारण मार्च में PVC की कीमतों में करीब ₹12 प्रति किलो की बढ़ोतरी है। इससे कंपनी के मुनाफे और मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। Astral अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कानपुर और हैदराबाद प्लांट में निवेश कर रही है, ताकि बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके। कंपनी की यूके स्थित एडहेसिव (adhesive) यूनिट में भी अगले साल तक मार्जिन सामान्य होने की उम्मीद है। केमिकल सेक्टर में अच्छी ग्रोथ दिख रही है, खासकर स्पेशियल्टी केमिकल्स (specialty chemicals) में सालाना 10-12% की दर से बढ़ोतरी का अनुमान है। Astral का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹66,500 करोड़ है और इसका P/E रेशियो 58.15 है, जो बताता है कि यह प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।
Bharat Forge: डिफेंस मजबूत, पर वैल्यूएशन पर सवाल
UBS ने Bharat Forge पर ₹1,365 के टारगेट प्राइस के साथ 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी है। यह रेटिंग ऐसे समय आई है जब कंपनी अगले 3-4 सालों में सालाना 12-14% के रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगा रही है। एनालिस्ट्स डिफेंस ऑर्डर में देरी जैसे संभावित जोखिमों की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि, Bharat Forge का लक्ष्य अगले 2-3 सालों में एयरोस्पेस (aerospace) रेवेन्यू को दोगुना करके करीब ₹7 अरब तक पहुंचाना है। कंपनी का मार्केट कैप ₹90,800 करोड़ है और P/E रेशियो 9.51 है। UBS ने कहा है कि कंपनी का वैल्यूएशन पिछले 10 सालों के औसत से एक स्टैंडर्ड डेविएशन ऊपर है, और डिफेंस को छोड़कर अन्य डोमेस्टिक व एक्सपोर्ट बिजनेस पर ग्लोबल अनिश्चितता का असर पड़ सकता है। जनवरी 2026 में भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन 4.8% बढ़ा था, लेकिन Bharat Forge के ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेगमेंट साइक्लिकल (cyclical) हैं और डिफेंस सेक्टर की तेजी से अलग दिखते हैं।
Angel One: ब्रोकरेज में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
UBS ने Angel One को ₹2,900 के टारगेट प्राइस के साथ 'Neutral' रेट किया है। UBS ने मैनेजमेंट के भरोसे पर जोर दिया कि वे ब्रोकरेज सेवाओं में अपनी मार्केट हिस्सेदारी बनाए रखेंगे, क्योंकि नियम नए प्रतिस्पर्धियों को आने से रोक रहे हैं। Angel One ग्राहकों को जोड़ने और क्रॉस-सेलिंग (cross-selling) के लिए डेटा एनालिटिक्स (data analytics) का इस्तेमाल कर रही है, और म्यूचुअल फंड (mutual funds) व क्रेडिट में भी विस्तार कर रही है। यह नई सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) फ्लो में एक लीडिंग फर्म है। कंपनी का मार्केट कैप ₹19,959 करोड़ और P/E 23.44 है। हालांकि, Groww जैसे प्रतिद्वंद्वियों से प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जिनके प्रॉफिट मार्जिन और ग्राहक एसेट वैल्यू बेहतर हैं, भले ही Angel One रेवेन्यू साइज में आगे हो। पिछले चार तिमाहियों में Angel One का रेवेन्यू 9.2% बढ़ा है।
Bandhan Bank: क्रेडिट कॉस्ट पर फोकस
UBS ने Bandhan Bank को ₹220 के टारगेट प्राइस के साथ 'Neutral' रेटिंग दी है। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 तक क्रेडिट लॉस गाइडेंस 1.6-1.7% की पुष्टि की है। बैंक ने लोन डिफॉल्ट्स (loan defaults) में तिमाही-दर-तिमाही सुधार देखा है और पश्चिम बंगाल चुनाव व बिहार माइक्रोफाइनेंस बिल का बड़ा ऑपरेशनल असर नहीं होने की उम्मीद है। Bandhan Bank का मार्केट कैप ₹29,472 करोड़ है और P/E 29.26 है। मूडीज (Moody's Ratings) का अनुमान है कि भारत के बैंकिंग सेक्टर में स्थिर ग्रोथ बनी रहेगी, क्योंकि अच्छी आर्थिक ग्रोथ के कारण बैड लोंस (bad loans) कम रहेंगे। सेक्टर का रिटर्न ऑन एसेट्स (Return on Assets) फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में 1.2-1.3% तक बढ़ सकता है। इन सकारात्मक इंडस्ट्री ट्रेंड्स के बावजूद, Bandhan Bank को प्रतिस्पर्धी बाजार में डिपॉजिट (deposits) जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
Kaynes Technology और Quality Power: ग्रोथ की राह पर
Kaynes Technology India का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2028 तक 1 अरब डॉलर का रेवेन्यू हासिल करना है, जिसमें एयरोस्पेस और नॉन-कवच रेलवे बिजनेस का बड़ा योगदान होगा। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अनुमानित रेवेन्यू ₹40-41 अरब है, जिसमें OSAT (outsourced semiconductor assembly and test) और PCB (printed circuit board) ऑपरेशंस मुख्य होंगे। EMS (electronics manufacturing services) सेगमेंट मौजूदा ग्राहकों से 35-40% और कुल मिलाकर 50% बढ़ने की उम्मीद है। Kaynes का OSAT प्लांट फाइनेंशियल ईयर 2027 तक 40-50% क्षमता उपयोग का लक्ष्य रखता है, जिसका लक्ष्य 18% का प्रॉफिट मार्जिन है। इसका PCB प्लांट 20% प्रॉफिट मार्जिन के साथ रेवेन्यू उत्पन्न करेगा। यह भारत के EMS मार्केट के अनुरूप है, जिसका अनुमान 2025 में $65 अरब से बढ़कर 2032 तक $197.8 अरब होने का है, यानी सालाना 17.5% की ग्रोथ।
Quality Power, अपने ₹13 अरब के ऑर्डर बुक और हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर (high-voltage transformers) की मांग के दम पर, सालाना करीब 50% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, और क्षमता विस्तार पर काम चल रहा है।
Granules India: US FDA की जांच का मामला
हालांकि UBS ने सीधे तौर पर Granules India को इस अपडेट में रेट नहीं किया है, लेकिन कंपनी अमेरिकी FDA (Food and Drug Administration) की जांच के दायरे में है। FDA ने अगस्त 2024 में Gagillapur फैसिलिटी का निरीक्षण करने के बाद गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (good manufacturing practices) से जुड़े सफाई और कंटैमिनेशन (contamination) के उल्लंघन पर एक वार्निंग लेटर (warning letter) जारी किया है। इससे इस प्लांट से नए प्रोडक्ट्स के अप्रूवल पर असर पड़ सकता है, हालांकि वर्तमान उत्पादन जारी है। Granules India ने इन मुद्दों को हल करने के लिए एक प्लान शुरू किया है। वहीं, वर्जीनिया में इसके अमेरिकी पैकेजिंग प्लांट को दिसंबर 2025 के निरीक्षण के बाद FDA से क्लीन रिपोर्ट मिली है।