Tube Investments of India के शेयरों में आज **7%** की शानदार तेजी देखी गई। इसकी मुख्य वजह ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal का स्टॉक पर भरोसा जताना और ₹3,379 का टारगेट प्राइस देना है। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **17%** रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, हालांकि, स्टील की बढ़ती लागत और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) डिविजन के नुकसान ने मुनाफे पर असर डाला।
Q1 FY27 के नतीजे:
Tube Investments ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में 17% की ग्रोथ के साथ ₹6,215 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया। हालांकि, इसी दौरान कंपनी का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट 3% घटकर ₹294 करोड़ रह गया। इस गिरावट का मुख्य कारण प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ा दबाव है। स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 194 बेसिस पॉइंट गिरकर 10.39% पर आ गया। कच्चे माल, खासकर स्टील की बढ़ती कीमतों ने इस पर ज्यादा असर डाला। कंपनी का कहना है कि भविष्य में कीमतों में एडजस्टमेंट करके मार्जिन को सुधारा जाएगा।
नए बिज़नेस का असर:
कंपनी अपनी 'TI-2' स्ट्रेटेजी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सेमीकंडक्टर जैसे नए सेक्टर्स में भारी निवेश कर रही है। ये सेगमेंट्स भविष्य में कंपनी की ग्रोथ के बड़े इंजन बन सकते हैं, लेकिन फिलहाल ये अभी इन्वेस्टमेंट फेज में हैं और कंपनी के कुल प्रॉफिट को प्रभावित कर रहे हैं। खासकर, इलेक्ट्रिक व्हीकल डिविजन ने पहली तिमाही में ₹147 करोड़ का नुकसान दर्ज किया है। इन विस्तार योजनाओं के लिए कंपनी इस फाइनेंशियल ईयर में ₹600 से ₹700 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की योजना बना रही है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए:
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal की 'Buy' रेटिंग और ₹3,379 का टारगेट प्राइस कंपनी के डायवर्सिफाइड रेवेन्यू स्ट्रीम पर लॉन्ग-टर्म विश्वास दिखाता है। निवेशकों को कंपनी की लागत प्रबंधन (Cost Management) क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक बड़ा रिस्क फैक्टर बना हुआ है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी ई-मोबिलिटी जैसे नए सेक्टर्स में भारी निवेश के साथ-साथ अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे सुधार पाती है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में नुकसान को कम करना शेयरधारकों के लिए एक अहम अपडेट होगा।
