Tilaknagar Industries का Q2 FY27 का नतीजा मिला-जुला रहा है। जहां कंपनी का रेवेन्यू दोगुना होकर **₹2,437.55 करोड़** पहुंच गया, वहीं प्रॉफिट **57.7%** गिरकर **₹22.26 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी के मुनाफे में आई इस गिरावट की दो मुख्य वजहें हैं। पहली, Pernod Ricard India से अधिग्रहित 'Imperial Blue' ब्रांड को इंटीग्रेट करने के कारण ₹10.94 करोड़ का अतिरिक्त खर्च हुआ। दूसरी ओर, फाइनेंस कॉस्ट बढ़कर ₹69 करोड़ हो गई। साथ ही, रॉ मटेरियल जैसे कि ग्लास और एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) की महंगाई ने मार्जिन पर दबाव डाला है, जिससे EBITDA ₹148 करोड़ पर रहा और मार्जिन 14.3% दर्ज किया गया।
क्या ऑपरेशन्स पर असर पड़ा?
नतीजों के बाद से ही शेयर में उतार-चढ़ाव दिख रहा है और यह फिलहाल ₹468.80 के आसपास ट्रेड कर रहा है। हालांकि, निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में मजबूती बनी हुई है। सेकेंडरी सेल्स वॉल्यूम में 8% की तिमाही आधार पर बढ़ोतरी हुई है, और अकेले 'Imperial Blue' ब्रांड की बिक्री में 8.5% का उछाल देखा गया है। यही कारण है कि कई ब्रोकरेज हाउसेस इसे एक अस्थायी दौर मान रहे हैं और लंबी अवधि के लिए सकारात्मक हैं।
आगे निवेशकों के लिए क्या है खास?
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मैनेजमेंट कितनी तेजी से इंटीग्रेशन प्रोसेस को पूरा करता है और बढ़ती लागतों को कैसे काबू करता है। आने वाली तिमाहियों में ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और मार्जिन में सुधार कंपनी के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है।
