भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच टेक्निकल एनालिस्ट्स ने चुनिंदा स्टॉक्स पर नजरें टिकाई हैं। अर्निंग सीजन शुरू होने के साथ ही कई कंपनियों ने इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है, जिससे निवेशकों को अब चार्ट्स के साथ-साथ फंडामेंटल नतीजों पर भी ध्यान देना होगा।
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक अनिश्चित दौर से गुजर रहा है। Nifty 50 को लगातार रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण ट्रेडर्स अब उन स्टॉक्स को तलाश रहे हैं जो टेक्निकल चार्ट्स पर मजबूती दिखा रहे हैं। हालांकि, ब्रोकर्स को कई कंपनियों में ब्रेकआउट के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन बाजार का मूड अभी भी काफी संवेदनशील बना हुआ है।
ट्रेडिंग विंडो क्लोजर और अर्निंग सीजन
1 अक्टूबर 2026 से कई लिस्टेड कंपनियों ने 'ट्रेडिंग विंडो क्लोजर' की शुरुआत कर दी है। यह एक अनिवार्य रेगुलेटरी प्रक्रिया है जिसके तहत कंपनी के प्रमोटर्स और कर्मचारी क्वार्टरली नतीजों से पहले शेयर नहीं बेच सकते। Divis Laboratories ने 1 अक्टूबर से अपना ट्रेडिंग विंडो बंद कर दिया है, जो Q2 FY27 के नतीजों के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगा। इसी तरह, Gujarat Pipavav Port का ट्रेडिंग विंडो 1 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक बंद है, जबकि Sona BLW Precision Forgings में यह रोक 16 सितंबर 2026 से प्रभावी है।
टेक्निकल ट्रेंड्स का विश्लेषण
टेक्निकल एनालिस्ट्स की नजरें Sona BLW Precision Forgings पर हैं, जो कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। स्टॉक में 'हायर हाई' और 'हायर लो' के पैटर्न दिख रहे हैं, जो खरीदारी के संकेत हैं। वहीं, Gujarat Pipavav Port भी चर्चा में है क्योंकि इसे Gujarat Maritime Board से कंसेशन एक्सटेंशन की मंजूरी मिली है। अब कंपनी को अगले 90 दिनों में बिजनेस प्लान सबमिट करना होगा।
जोखिम और रणनीति
सभी स्टॉक्स पर अच्छी खबर नहीं है। Divis Laboratories इस समय चार्ट्स पर कमजोरी दिखा रहा है और अपने मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गया है। जैसे-जैसे रिजल्ट्स का समय नजदीक आ रहा है, निवेशकों को केवल चार्ट्स पर नहीं, बल्कि कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन और कर्ज प्रबंधन जैसे फंडामेंटल्स पर भी नजर रखनी चाहिए।
