ICICI Securities ने Tech Mahindra पर 'Hold' की रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए **₹1,590** का टारगेट दिया है। कंपनी ने लगातार चार तिमाहियों से **$1 बिलियन** से ज्यादा के नए डील हासिल किए हैं, लेकिन एनालिस्ट्स का मानना है कि मौजूदा वैल्युएशन काफी महंगी है, जिससे तेजी की संभावना सीमित दिख रही है।
Tech Mahindra लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है, जिसकी सबसे बड़ी गवाही कंपनी के नए डील हैं। कंपनी ने लगातार चौथी तिमाही में $1 बिलियन से अधिक के ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी की साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ 7% से ऊपर रही है, जो कि आईटी सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों की 2-3% की ग्रोथ के मुकाबले काफी बेहतर है। बावजूद इसके, ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने शेयर को फिलहाल 'Hold' करने की सलाह दी है।
वैल्युएशन की चुनौती (Valuation Concern)
इस सतर्कता की मुख्य वजह कंपनी का मौजूदा मार्केट वैल्युएशन है। फिलहाल यह स्टॉक फाइनेंशियल ईयर 2028 की अनुमानित कमाई के 19.5 गुना पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज ने 18 गुना के अर्निंग मल्टीपल के आधार पर अपना टारगेट तय किया है। इसका सीधा मतलब है कि निवेशक आज के समय में भविष्य की ग्रोथ के लिए एक प्रीमियम चुका रहे हैं, जिसे मौजूदा मुनाफे से पूरी तरह से न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
दिलचस्प बात यह है कि Tech Mahindra अपने साथियों जैसे Tata Consultancy Services और Infosys के मुकाबले 40% के प्रीमियम पर कारोबार कर रही है। जब कोई शेयर अपने सेक्टर की दिग्गज कंपनियों से इतना महंगा हो जाता है, तो इसका अर्थ यह होता है कि बाजार ने पहले ही आने वाली अच्छी ग्रोथ को प्राइस में शामिल कर लिया है।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और उम्मीदें
कंपनी के भीतर सब कुछ बुरा नहीं है। पिछले एक साल में प्रति कर्मचारी रेवेन्यू में 8% का इजाफा हुआ है, जो बेहतर कार्यकुशलता को दर्शाता है। इसके अलावा, रणनीतिक ग्राहकों (Strategic Clients) की संख्या बढ़ रही है, जिनका एनुअल रेवेन्यू रन-रेट $20 मिलियन को पार कर चुका है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
'Hold' रेटिंग का सीधा सा मतलब है कि कंपनी का बिजनेस तो पटरी पर है, लेकिन स्टॉक का दाम काफी ऊपर जा चुका है, जिससे करेक्शन का रिस्क बढ़ गया है। निवेशकों के लिए अब सबसे जरूरी यह देखना होगा कि कंपनी इन बड़ी डील्स को मुनाफे में कैसे बदलती है। आगामी तिमाहियों में रेवेन्यू एफिशिएंसी और मार्जिन पर कंपनी की पकड़ ही यह तय करेगी कि क्या यह प्रीमियम वैल्युएशन बरकरार रह पाएगा या नहीं।
