Tata Steel: ब्रोकरेज ने FY28 तक की ग्रोथ का खाका खींचा, शेयर में दिख रही है बड़ी संभावना

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AuthorAditya Rao|Published at:
Tata Steel: ब्रोकरेज ने FY28 तक की ग्रोथ का खाका खींचा, शेयर में दिख रही है बड़ी संभावना

Motilal Oswal ने Tata Steel पर बड़ा भरोसा जताया है। ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का फोकस भारत में मजबूत मांग और यूरोपियन ऑपरेशंस में सुधार पर है, जो शेयर के लिए नए मौके बना सकता है।

Motilal Oswal Financial Services ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में Tata Steel पर बुलिश रुख अपनाते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹220 रखा है, जो कि 2028 फाइनेंशियल ईयर के अनुमानों पर आधारित है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी की वैल्यू मुख्य रूप से भारत के मजबूत ऑपरेशंस से आ रही है, जहां डिमांड और प्राइजिंग का माहौल काफी बेहतर है।

यूरोपियन बिजनेस में सुधार की उम्मीद

टाटा स्टील के लिए यूरोप का बिजनेस लंबे समय से एक चुनौती बना रहा है। अब, CBAM (कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म) और सख्त इंपोर्ट कोटा जैसे नियमों से बाजार में अनुशासन लौटने की उम्मीद है। इससे सस्ते आयात पर लगाम लगेगी, जिससे मार्जिन में सुधार हो सकता है। हालांकि, यूरोप में एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रिकवरी की रफ्तार अभी भी मार्जिन के लिए जोखिम बनी हुई है।

डेट मैनेजमेंट और बैलेंस शीट

निवेशकों की नजर कंपनी के कर्ज पर टिकी है। फिलहाल कंपनी का नेट डेट लगभग ₹82,300 करोड़ है, जबकि कैश रिजर्व ₹10,000 करोड़ के करीब है। इसका नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 2.4x पर है, जिसे मैनेजमेंट लगातार कम करने की कोशिश कर रहा है। स्टील जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में कर्ज को कम करना कंपनी की एक्सपेंशन क्षमता और प्रॉफिटेबिलिटी के लिए बहुत जरूरी है।

वैल्यूएशन का गणित

स्टॉक अभी FY28 के प्रोजेक्टेड EV/EBITDA के 6.8 गुना पर ट्रेड कर रहा है। स्टील सेक्टर एक साइक्लिकल सेक्टर है, इसलिए ग्लोबल इकोनॉमी और कच्चा माल (Raw Material) की कीमतें कंपनी के प्रदर्शन पर बड़ा असर डालती हैं। आगे चलकर निवेशकों को यूरोप के टर्नअराउंड प्लान और घरेलू बाजार में स्टील की खपत पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.