बाजार के एनालिस्ट अजीत मिश्रा (Religare Broking) ने निफ्टी इंडेक्स में **1%** की जोरदार तेजी के बाद TVS Motor, Glenmark Pharmaceuticals और Power Finance Corporation (PFC) पर खास ध्यान देने की सलाह दी है। निफ्टी **24,250** के स्तर पर बंद हुआ, जिसका मुख्य कारण तिमाही नतीजों का बेहतर प्रदर्शन और आईटी सेक्टर में आई मजबूती रही। ये स्टॉक्स अपने टेक्निकल पैटर्न की वजह से निवेशकों की नजर में हैं, क्योंकि ब्रॉडर मार्केट में एक नई रफ्तार दिख रही है।
इन स्टॉक्स में क्यों लगाएं दांव?
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को रिकवरी देखने को मिली, जहाँ निफ्टी इंडेक्स 1% से ज़्यादा चढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ। इस तेजी की बड़ी वजह कंपनियों के तिमाही नतीजों का अच्छा आना और टेक्नोलॉजी शेयरों में हुई ज़बरदस्त खरीदारी रही, जिससे बाजार का सेंटिमेंट काफी मजबूत हुआ। यह पॉजिटिव मोमेंटम सिर्फ लार्ज-कैप शेयरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 0.80% से लेकर 1.49% तक की बढ़त दर्ज की गई।
खास स्टॉक्स के टेक्निकल लेवल
Religare Broking के एनालिस्ट अजीत मिश्रा ने तीन बड़ी कंपनियों के टेक्निकल सेटअप्स पर गौर किया है। उन्होंने बताया कि TVS Motor Company ने हाल ही में लंबी कंसॉलिडेशन (sideways movement) के बाद ब्रेकआउट दिया है। स्टॉक में लगातार हायर हाईज और हायर लो का पैटर्न बन रहा है, जो कि ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी के साथ जारी है। यह अक्सर एक स्थापित अपट्रेंड के जारी रहने का संकेत देता है।
Glenmark Pharmaceuticals भी 200-दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर बना हुआ है। एनालिस्ट के मुताबिक, गिरावट के दौर के बाद स्टॉक ने एक बेस बनाया है और अब यह अपने मौजूदा ट्रेडिंग रेंज की ऊपरी सीमा की ओर बढ़ते हुए एक बुलिश पैटर्न के संकेत दे रहा है।
Power Finance Corporation (PFC) ने भी अपने लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज को वापस पाने के साथ रिकवरी दिखाई है। स्टॉक ने एक गिरावट वाली ट्रेंडलाइन (descending trendline) को तोड़ा है, और इसके साथ वॉल्यूम में भी इजाफा देखा गया है। टेक्निकल एनालिस्ट अक्सर इसे मार्केट पार्टिसिपेंट्स की ओर से बढ़े हुए इंटरेस्ट का संकेत मानते हैं।
मार्केट का माहौल और आगे क्या?
इन कंपनियों के लिए टेक्निकल आउटलुक तो बेहतर दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को बाजार के व्यापक माहौल पर भी ध्यान देना चाहिए। निफ्टी 20-दिनों और 100-दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर निकलने में कामयाब रहा है, लेकिन 24,400 के करीब एक रेजिस्टेंस (अवरोध) का सामना कर रहा है, जहाँ 200-दिनों का मूविंग एवरेज भी एक महत्वपूर्ण लेवल है। इस लेवल के ऊपर टिके रहना आगे की और मजबूती के लिए ज़रूरी हो सकता है।
टेक्निकल चार्ट्स के अलावा, मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स भी निवेशकों के लिए अहम हैं। जहाँ भारतीय रुपया कुछ सहारा दे रहा है, वहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव जैसे वैश्विक मुद्दे बाजार की वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि ये कंपनियां इन बाहरी दबावों के बीच अपने ऑपरेशनल ग्रोथ को कैसे बनाए रखती हैं। इन स्टॉक्स में अगला बड़ा मूव शायद इन टेक्निकल ब्रेकआउट्स को बनाए रखने और बाजार के रुझानों के अनुरूप लगातार प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता पर निर्भर करेगा।
