TD Power Systems के शेयर अक्टूबर की शुरुआत में **₹856** के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद अब कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहे हैं। कंपनी ने साल-दर-साल **71%** की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है और अब **₹600 करोड़** का फंड जुटाने की योजना बना रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की रफ्तार
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। TD Power का रेवेन्यू 71% बढ़कर ₹6.4 बिलियन तक पहुंच गया है, जबकि कंपनी का नेट प्रॉफिट 72% की उछाल के साथ ₹863 मिलियन रहा। मिड-कैप सेक्टर में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी का यह प्रदर्शन निवेशकों का भरोसा कायम रखे हुए है।
फंड जुटाने की रणनीति
कंपनी मैनेजमेंट अपनी विस्तार योजनाओं के लिए आक्रामक कदम उठा रहा है। बोर्ड ने Qualified Institutional Placement (QIP) के जरिए ₹600 करोड़ जुटाने को मंजूरी दी है। इससे पहले, प्रमोटर्स को ₹600 प्रति शेयर के भाव पर 1.25 मिलियन इक्विटी शेयरों का अलॉटमेंट किया गया था, जो बिजनेस के प्रति उनके नजरिए को साफ दिखाता है। अगस्त 2026 में कंपनी 1:2 का स्टॉक स्प्लिट भी कर चुकी है, जिससे लिक्विडिटी में सुधार हुआ है।
वैल्युएशन और जोखिम
हालांकि ग्रोथ की कहानी मजबूत है, लेकिन निवेशकों के लिए वर्तमान वैल्युएशन पर नजर रखना जरूरी है। शेयर का P/E रेशियो लगभग 90.6 और P/B रेशियो 23.1 पर है, जो भविष्य की बहुत ऊंची उम्मीदों को दर्शाता है।
एक इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर होने के नाते, कंपनी कॉपर जैसे रॉ मटीरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है। यदि इनपुट कॉस्ट बढ़ती है और वर्किंग कैपिटल की जरूरत ज्यादा रहती है, तो मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। पिछले एक क्वार्टर में शेयर 40% तक चढ़ चुका है, इसलिए प्रॉफिट बुकिंग होना एक सामान्य प्रक्रिया है। अब नजरें इस पर होंगी कि कंपनी इस फंड का सही इस्तेमाल कैसे करती है और बढ़ती लागतों के बीच मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
