TCS के निवेशकों के लिए चिंता बढ़ गई है। JM Financial की एक रिपोर्ट में ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता का हवाला दिए जाने के बाद कंपनी के शेयर में **1%** की गिरावट आई है और यह **₹2,249** के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
बाजार की चिंता और सेक्टर का हाल
आईटी सेक्टर की रिकवरी पर ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितता का साया गहरा गया है। इस साल अब तक स्टॉक में 30% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। हालांकि, डिमांड अभी भी मिली-जुली है। BFSI और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम स्थिर है, लेकिन CPG (कंज्यूमर पैक्ड गुड्स) और हेल्थकेयर सेगमेंट में सुस्ती बनी हुई है। राहत की बात यह है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, खासकर SKF जैसे बड़े डील्स के निष्पादन से कंपनी के लिए एक मजबूत स्तंभ साबित हो सकता है।
फाइनेंशियल ईयर 2027 और स्ट्रैटेजी
कंपनी ने Q1FY27 में ₹72,275 करोड़ का रेवेन्यू और ₹13,349 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। मैनेजमेंट अब छोटे प्रोजेक्ट्स के बजाय बड़े और जटिल कॉन्ट्रैक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि स्थिरता बनी रहे। हालांकि, रिन्यूअल के समय बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्जिन पर दबाव अभी भी चुनौती बना हुआ है।
AI पर बड़ा दांव
पारंपरिक बिजनेस में सुस्ती को देखते हुए TCS आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश बढ़ा रही है। कंपनी ने 7 सितंबर को यूके में एक AI-नेटिव इंजीनियरिंग स्टूडियो और 5 सितंबर को तेलंगाना में एक बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। अब निवेशकों की नजर Q2FY27 के नतीजों पर टिकी है, जहां मैनेजमेंट को Q1 से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
