IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS ने AI कारोबार से **$3.1 बिलियन** का सालाना रेवेन्यू रन रेट हासिल कर लिया है। अब कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान **10%** पहुंच गया है, हालांकि **$1 बिलियन** के भारी निवेश से मार्जिन पर दबाव की चिंता बनी हुई है।
मुनाफे और निवेश का गणित
TCS अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पोर्टफोलियो को तेजी से विस्तार दे रही है। पिछले एक साल में कंपनी ने 15-20% की कंपाउंड तिमाही दर से ग्रोथ दिखाई है। अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कंपनी सालाना $1 बिलियन का निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट ट्रेनिंग पर कर रही है। हालांकि, यह निवेश शॉर्ट-टर्म में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल रहा है, जिसे लेकर निवेशक सतर्क हैं।
अडॉप्शन की धीमी रफ्तार
कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि तेजी के बावजूद, बड़े कॉर्पोरेट्स द्वारा AI को अपनाने की रफ्तार धीमी है। फिलहाल केवल 5% कंपनियों के पास ही AI को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए जरूरी डेटा और इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। बैंकिंग सेक्टर तो आगे है, लेकिन हेल्थकेयर और एनर्जी जैसे सेक्टर अभी भी संभलकर चल रहे हैं, जिससे रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
क्लाइंट्स की बढ़ती मांग और ब्रोकरेज का रुख
IT सर्विसेज के बड़े क्लाइंट्स अब एआई के जरिए अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं, जिससे प्राइजिंग पर दबाव (deflationary pressure) बन रहा है। हालांकि, TCS को उम्मीद है कि जल्द ही इसमें सुधार होगा। वहीं, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Nomura ने TCS पर भरोसा जताते हुए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹2,630 का टारगेट प्राइस तय किया है।
