Tata Consultancy Services (TCS) ने Q2 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **11.2%** बढ़कर **₹73,188 करोड़** पहुंच गया है। हालांकि, सॉफ्टवेयर और लाइसेंसिंग खर्चों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा गया है।
एआई (AI) का दमदार प्रदर्शन
TCS की ग्रोथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़ा हाथ रहा है। कंपनी का एआई डिवीजन अब $3.1 बिलियन से अधिक का रेवेन्यू हासिल कर चुका है, जो ग्लोबल क्लाइंट्स के बीच बढ़ती मांग को दर्शाता है। यूरोप और यूके मार्केट भी कंपनी के लिए ग्रोथ इंजन बने रहे, जहां रेवेन्यू में 12% की बढ़त दर्ज की गई और कुल आंकड़ा ₹24,155 करोड़ रहा।
मुनाफे की चुनौती
रेवेन्यू में मजबूती के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट केवल 5.1% बढ़कर ₹13,884 करोड़ पर सिमट गया। प्रॉफिट मार्जिन में 160 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है, जो अब 25.7% पर आ गए हैं। इसके पीछे मुख्य वजह सॉफ्टवेयर और लाइसेंसिंग लागत में 39.8% का भारी उछाल और अन्य ऑपरेटिंग खर्चों में 35% की बढ़ोतरी है।
आगे की राह और निवेशकों की चिंता
Geojit Financial Services ने इस परफॉरमेंस को देखते हुए शेयर के लिए ₹2,530 का टारगेट प्राइस तय किया है। आईटी सेक्टर में इस वक्त एआई पर भारी निवेश किया जा रहा है, जिससे मार्जिन पर दबाव दिख रहा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाकर इन खर्चों को कंट्रोल कर पाएगी या यह दबाव आने वाली तिमाहियों में भी बरकरार रहेगा।
