TBO Tek के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में अपने ग्रॉस ट्रांजैक्शन वैल्यू (GTV) में पिछले साल के मुकाबले **37.4%** की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। यह बढ़कर **₹111.5 अरब** हो गया है। इस शानदार नतीजे के बाद, ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी (Anand Rathi) ने कंपनी के शेयर पर भरोसा जताते हुए अपना टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है।
TBO Tek के नतीजे क्या कहते हैं?
TBO Tek, जो कि एक ट्रेवल डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म है, ने नए वित्त वर्ष की शुरुआत दमदार की है। कंपनी का GTV 37.4% बढ़कर ₹111.5 अरब तक पहुँच गया है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान Hotels & Ancillaries सेगमेंट का रहा, जिसने GTV में 49.8% की छलांग लगाई। वहीं, Airlines सेगमेंट ने भी 16.9% की बढ़ोतरी में अपनी भूमिका निभाई।
टेक रेट में सुधार और मिडिल ईस्ट का असर
कंपनी की कुल टेक रेट, यानी GTV का वह हिस्सा जो कंपनी को रेवेन्यू के तौर पर मिलता है, पहली तिमाही में बढ़कर 8.3% हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 6.3% थी। Classic Vacations सेगमेंट का प्रदर्शन इस बार बेहतरीन रहा। हालांकि, कंपनी के ऑर्गेनिक बिजनेस में कुछ दबाव भी देखने को मिला। एयरलाइन और होटल टेक रेट में आई कमी के चलते ऑर्गेनिक टेक रेट घटकर 6% पर आ गई। ऐसा माना जा रहा है कि मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical conflicts) की वजह से इस क्षेत्र में यात्राओं पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव टेक रेट पर दिख रहा है।
EBITDA में शानदार उछाल
टेक रेट पर कुछ दबाव के बावजूद, TBO Tek की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में जबरदस्त सुधार हुआ है। कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 84.23% बढ़कर ₹1.4 अरब तक पहुँच गया। यह एनालिस्ट्स की उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन है। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 15.5% हो गया, जो पिछले साल 15.2% था। ऑर्गेनिक मार्जिन भी 15.2% से बढ़कर 16.8% हो गया।
आगे क्या और ब्रोकरेज की राय?
इन नतीजों के बाद, आनंद राठी ने अपने अनुमानों में भी बढ़ोतरी की है। ब्रोकरेज फर्म ने FY27 और FY28 के लिए EBITDA अनुमानों को क्रमशः 10.2% और 16.4% तक बढ़ाया है। उन्होंने स्टॉक पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹2,200 कर दिया है। यह टारगेट FY28 की अनुमानित कमाई के लगभग 40 गुना वैल्यूएशन पर आधारित है। फर्म को उम्मीद है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मध्य पूर्व में यात्रा की मांग बढ़ने और ऑपरेशनल कॉस्ट को बेहतर ढंग से मैनेज करने से कंपनी की ग्रोथ रफ्तार पकड़ेगी।
निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि TBO Tek मध्य पूर्व के संघर्षों के कारण अपनी टेक रेट पर पड़ने वाले असर को कितनी प्रभावी ढंग से मैनेज करती है। साथ ही, कंपनी की ग्रॉस प्रॉफिट को बढ़ाने और सेलिंग व एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों को कंट्रोल करने की क्षमता, मार्जिन में हो रहे इस विस्तार को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
