Swiggy के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। एक प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के आक्रामक विस्तार से हटकर मुनाफे पर केंद्रित होने की रणनीति को देखते हुए रेटिंग अपग्रेड की है। कंपनी के पास फिलहाल **₹14,000 करोड़** का भारी कैश रिजर्व है।
ब्रोकरेज फर्म ने Swiggy की रेटिंग को 'Buy' कर दिया है। यह बदलाव कंपनी के 'ग्रोथ-एट-ऑल-कॉस्ट' मॉडल से हटकर मुनाफे (Profitability) की ओर बढ़ने के संतुलित नजरिए को दर्शाता है।
मुनाफे की ओर बढ़ता कदम
कंपनी ने पिछले एक साल में बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव किए हैं। FY25 की चौथी तिमाही में जहां कंपनी 5.6% के कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन घाटे से जूझ रही थी, वहीं FY27 की पहली तिमाही तक इसने ब्रेक-ईवन हासिल कर लिया है। मैनेजमेंट अब अंधाधुंध खर्च के बजाय लॉन्ग-टर्म हेल्थ पर ध्यान दे रहा है।
क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी का तालमेल
Blinkit को टक्कर देने के लिए Swiggy अपने क्विक कॉमर्स सेगमेंट में काफी निवेश कर रही है। हालांकि, यहां मार्जिन 0% से -1% के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे शॉर्ट टर्म में EBITDA लॉस बढ़ सकता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि कोर फूड डिलीवरी बिजनेस कमाई का मुख्य जरिया बना हुआ है। FY27 की पहली तिमाही में फूड डिलीवरी यूनिट ने 3.1% का EBITDA मार्जिन दर्ज किया है, जबकि ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) में 17.4% की बढ़त देखी गई है।
मजबूत फाइनेंशियल स्थिति और वैल्यूएशन
Swiggy की बैलेंस शीट काफी मजबूत है, जिसमें ₹14,000 करोड़ का कैश मौजूद है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फूड डिलीवरी से होने वाली कमाई और ट्रेजरी इनकम FY28 या FY29 की शुरुआत तक क्विक कॉमर्स के घाटे को कवर करने के लिए पर्याप्त होगी। वर्तमान में शेयर अपने FY28 के अनुमानित EBITDA के 23 गुना पर ट्रेड कर रहा है। प्रतिस्पर्धी Zomato के मुकाबले, Swiggy का शेयर करीब 15% के डिस्काउंट पर मिल रहा है।
निवेशकों के लिए रिस्क और सावधानी
क्विक कॉमर्स सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा और डार्क स्टोर्स बनाए रखने के लिए लगातार कैपिटल की जरूरत एक बड़ा रिस्क है। यदि कंपनी मार्केट शेयर बचाने में विफल रहती है, तो कैश बर्न बढ़ सकता है। निवेशकों को कंपनी के तिमाही मार्जिन और कैश बर्न की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
