शुक्रवार को Swiggy के शेयरों में **4.8%** की कमजोरी देखी गई और यह **₹176.60** पर बंद हुआ। इस गिरावट के पीछे कंपनी के नए बजट-फ्रेंडली ऐप 'Toing' को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं, जिससे निवेशकों को डर है कि यह कंपनी के कोर बिजनेस पर बुरा असर डाल सकता है।
क्या है चिंता का कारण?
बाजार के जानकारों का मानना है कि 'Toing' ऐप के जरिए कंपनी के ग्राहक अपनी मुख्य ऐप से हटकर सस्ते प्लेटफॉर्म की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। इसे 'कैनिबलाइजेशन' (Cannibalization) का खतरा माना जा रहा है, जिससे निवेशकों को डर है कि कंपनी बिना नया यूजर बेस बढ़ाए सिर्फ अपने संसाधनों को खर्च कर रही है। सितंबर तिमाही में कंपनी के 'Platform Innovations' सेगमेंट को ₹162 करोड़ का एडजस्टेड नुकसान हुआ है, जिसने चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ने का दबाव
आंकड़े बताते हैं कि Swiggy का फूड-डिलीवरी ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 17.7% बढ़कर ₹10,054 करोड़ रहा, जबकि प्रतिस्पर्धी Zomato ने 21.5% की तेज ग्रोथ के साथ ₹11,445 करोड़ का नेट ऑर्डर वैल्यू दर्ज किया। इस अंतर ने मैनेजमेंट पर दबाव बना दिया है कि वे साबित करें कि उनके प्रयोग (Experiments) कंपनी की बैलेंस शीट के लिए लाभदायक हैं।
कंपनी का पक्ष और ब्रोकरेज की राय
Swiggy का मैनेजमेंट इसे सफल बता रहा है। कंपनी का दावा है कि 'Toing' के 2/3 यूजर्स या तो पूरी तरह नए हैं या फिर ऐसे हैं जिन्होंने पहले Swiggy का इस्तेमाल बंद कर दिया था। हालांकि, Nomura जैसे ब्रोकरेज हाउस ने खरीदारी की राय बरकरार रखते हुए भी अपना टारगेट प्राइस घटाकर ₹300 कर दिया है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी इन प्रयोगों के जरिए अपनी फाइनेंशियल अनुशासन (Financial Discipline) को बनाए रख पाएगी।
