Q4 में दमदार प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में Supreme Industries ने बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 47.5% बढ़कर ₹433.57 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 16.5% की बढ़ोतरी के साथ ₹3,527.66 करोड़ तक पहुंच गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर के शुरुआती 9 महीनों में मुनाफे में आई गिरावट को कंपनी ने Q4 में जबरदस्त वापसी करते हुए ठीक कर लिया। ऑपरेशनल मोर्चे पर, EBITDA में 50% की उछाल के साथ यह ₹623 करोड़ रहा, और मार्जिन 391 बेसिस पॉइंट बढ़कर 17.7% हो गया। कंपनी के प्लास्टिक पाइपिंग सेगमेंट में वॉल्यूम में 18% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई, और मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में यह ग्रोथ 15-17% रह सकती है।
मार्जिन ग्रोथ और स्थिरता पर सवाल
प्रॉफिट में इस बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह प्लास्टिक पाइप प्रति किलोग्राम EBIT (Earnings Before Interest and Taxes) में 34% का इजाफा होकर ₹22 होना भी है। लेकिन, इस उछाल का करीब ₹0.7-0.8 बिलियन (यानी लगभग ₹70-80 करोड़) हिस्सा इन्वेंटरी से हुए फायदों (Inventory Gains) से आया है। यह फायदा PVC कीमतों में मार्च 2026 में आई तेज बढ़ोतरी के कारण हुआ। मैनेजमेंट का कहना है कि FY27 में मार्जिन 14-14.5% के बीच स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन इन्वेंटरी गेम्स और रॉ मैटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए इन मार्जिन को बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है। Q4 FY26 में ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 17.63% था, जो पिछले साल के 13.71% से काफी ऊपर है।
वैल्यूएशन और मुकाबले की स्थिति
Supreme Industries के शेयर फिलहाल काफी प्रीमियम (Premium) पर ट्रेड कर रहे हैं। स्टॉक का पिछले 12 महीनों का P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो लगभग 59x से 63x के बीच है। यह वैल्यूएशन इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों जैसे Finolex Industries (जिनका P/E 21-23x है) से काफी ज्यादा है, हालांकि Astral Limited का P/E 66x से 98x के बीच है। बाजार की उम्मीदें इससे बहुत ऊंची हैं, लेकिन निर्माण क्षेत्र में ICRA के 6-8% की मध्यम ग्रोथ के अनुमान को देखते हुए, यह वैल्यूएशन सवालों के घेरे में है। कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल लगभग ₹46,500 करोड़ है, लेकिन पिछले एक साल में स्टॉक ने सिर्फ 6.38% का ही रिटर्न दिया है।
मुख्य जोखिम और चिंताएं
इन शानदार नतीजों के बावजूद, कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। इंडस्ट्री को PVC रेजिन जैसे रॉ मैटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का खतरा है, जो 2026 की शुरुआत में तेजी से बढ़े थे। Astral Limited और Finolex Industries जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी मार्जिन बढ़ाने में बाधा बन सकती है। कंपनी ने FY27 के लिए ₹1,000 करोड़ से अधिक का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) प्लान किया है, लेकिन अगर बाजार की मांग धीमी हुई या प्रतिस्पर्धा बढ़ी तो इसके एग्जीक्यूशन (Execution) में जोखिम हो सकता है। जनवरी 2026 में चेयरमैन Bajranglal Surajmal Taparia का निधन भी मैनेजमेंट ट्रांजिशन (Management Transition) का जोखिम पैदा करता है, हालांकि बोर्ड में एक स्ट्रक्चर्ड सिस्टम है। चिंता की एक और बात यह है कि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) खरीददारी कर रहे हैं।
भविष्य का अनुमान और एनालिस्ट्स की राय
मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में प्लास्टिक पाइप वॉल्यूम ग्रोथ 15-17% और कुल वॉल्यूम ग्रोथ 12-13% रह सकती है। Motilal Oswal जैसे ब्रोकरेज हाउस ने 'BUY' रेटिंग के साथ ₹4,450 का टारगेट प्राइस दिया है, जो FY28E EPS पर 45x के मल्टीपल पर आधारित है। अन्य एनालिस्ट्स का भी 'Buy' रेटिंग के साथ औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस लगभग ₹3,944.39 है, जो बहुत बड़ा अपसाइड (Upside) नहीं दिखाता। उम्मीद है कि Supreme Industries की कमाई भारतीय बाजार से तेज बढ़ेगी, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ 20% सालाना से थोड़ी कम रह सकती है। कंपनी वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, भौगोलिक विस्तार और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर फोकस कर रही है, जो ग्रोथ की महत्वाकांक्षा दिखाते हैं, पर उसे बाजार वैल्यूएशन, रॉ मैटेरियल कीमतों और प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों से पार पाना होगा।
