Sunshine Pictures के IPO में पहले दिन रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की ताबड़तोड़ मांग देखने को मिली, जिससे इश्यू **4.34** गुना सब्सक्राइब हुआ। हालांकि, बड़े संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) इस इश्यू से दूर रहे, जो वैल्यूएशन और कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर रहा है। यह इश्यू **20 अगस्त** तक खुला रहेगा।
IPO में पहले दिन क्या हुआ?
Sunshine Pictures का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 18 अगस्त 2026 को लॉन्च हुआ और पहले दिन के कारोबार के अंत तक यह कुल 4.34 गुना सब्सक्राइब हो गया। ₹282.14 करोड़ जुटाने के इस इश्यू में रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया, लेकिन बड़े वित्तीय संस्थान (Financial Institutions) इसमें काफी सतर्क दिखे।
रिटेल मांग का जोर
पहले दिन के आंकड़ों के मुताबिक, रिटेल निवेशकों (Retail Investors) की ओर से जबरदस्त मांग आई, जो उनके लिए आवंटित हिस्से से 5.99 गुना ज्यादा था। वहीं, हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (High Net-worth Individuals) और कॉर्पोरेट बॉडीज वाले नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक (Non-Institutional Investors) कैटेगरी ने 6.23 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया। इसके विपरीत, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) यानी म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) और विदेशी बैंकों जैसे बड़े संस्थानों की ओर से बहुत कम दिलचस्पी दिखी, जिनका सब्सक्रिप्शन सिर्फ 0.03 गुना रहा।
वैल्यूएशन और भविष्य की चिंताएं
रिटेल निवेशकों के आंकड़ों के मजबूत होने के बावजूद, संस्थागत खरीदारों की कमी को विश्लेषक (Analysts) बारीकी से देख रहे हैं। आमतौर पर, ये बड़े निवेशक भारी रकम लगाने से पहले गहन रिसर्च करते हैं। सार्वजनिक लॉन्च से पहले, कंपनी ने नौ एंकर निवेशकों (Anchor Investors) से ₹84.64 करोड़ जरूर जुटा लिए थे, जो कुछ शुरुआती संस्थागत रुचि का संकेत देता है।
इस IPO का प्राइस बैंड ₹342 से ₹360 प्रति शेयर तय किया गया है। अपर एंड (Upper End) पर, कंपनी का वैल्यूएशन, यानी FY26 के अनुमानित मुनाफे के आधार पर प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो करीब 27.8 गुना है। इस वैल्यूएशन को लेकर SBI Securities जैसे मार्केट एनालिस्ट्स ने निवेश पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विश्लेषकों की मुख्य चिंताएं कंपनी के वित्तीय ग्रोथ (Financial Growth) के अनुमानों को लेकर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच रेवेन्यू (Revenue), ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) और नेट प्रॉफिट (Net Profit) में कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) में गिरावट का अनुमान है। इसके अलावा, फिल्म प्रोडक्शन बिजनेस में बॉक्स ऑफिस की अनिश्चितता और किसी एक प्रोजेक्ट के प्रदर्शन पर भारी निर्भरता जैसे जोखिम भी शामिल हैं। फ्लॉप फिल्मों की एक श्रृंखला से कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन पर तेजी से असर पड़ सकता है, जिससे यह बिजनेस स्थिर आय वाले व्यवसायों की तुलना में अधिक अस्थिर हो जाता है।
कुल इश्यू साइज में ₹173 करोड़ के फ्रेश इक्विटी (Fresh Equity) इश्यू शामिल हैं, जिसका इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के लिए करेगी, और ₹109 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) मौजूदा शेयरधारकों द्वारा किया जाएगा। IPO 20 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा, और आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संस्थागत निवेशकों की रुचि बढ़ती है या विश्लेषकों का सतर्क रुख सब्सक्रिप्शन ट्रेंड्स को प्रभावित करता है।
