ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Sun Pharmaceutical Industries पर अपना भरोसा जताते हुए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी के मुनाफे में भले ही **36%** की गिरावट आई हो, लेकिन घरेलू बाजार में मजबूत पकड़ और Organon डील की उम्मीदें निवेशकों के लिए बड़ा ट्रिगर साबित हो रही हैं।
ब्रोकरेज हाउस Prabhudas Lilladher ने Sun Pharmaceutical Industries पर ₹2,150 का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी के हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट्स में मुनाफे का आंकड़ा थोड़ा कमजोर दिखा है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी के नजरिए से काफी पॉजिटिव मान रहे हैं।
मुनाफे में गिरावट की वजह
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹161.99 बिलियन रहा, जिसमें 11.9% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, नेट प्रॉफिट 36.2% गिरकर ₹19.89 बिलियन पर आ गया। यह गिरावट मुख्य रूप से $11.75 बिलियन की Organon एक्विजिशन और अमेरिकी कानूनी विवादों से जुड़े वन-टाइम खर्चों के कारण हुई है।
इसके बावजूद, ऑपरेशनल लेवल पर स्थिति काफी मजबूत है। EBITDA में सालाना 14% की बढ़त और घरेलू फॉर्मूलेशन बिजनेस में 17.3% की दमदार ग्रोथ कंपनी के फंडामेंटल्स को मजबूती दे रही है।
Organon डील का मास्टर प्लान
निवेशकों की नजरें अब $11.75 बिलियन की Organon डील पर टिकी हैं, जिसके वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही तक पूरी होने की उम्मीद है। यह डील कंपनी को बायोसिमिलर्स मार्केट में एक बड़ी पहचान दिलाएगी। मैनेजमेंट का मानना है कि यह सौदा पहले साल से ही EPS में बढ़त लाएगा। इससे कंपनी का यूएस जेनरिक दवाओं पर निर्भरता कम होगी और स्पेशलिटी पोर्टफोलियो मजबूत होगा।
आगे की राह और रिस्क
भले ही ब्रोकरेज का नजरिया सकारात्मक है, लेकिन बाजार के जानकारों का कहना है कि इतने बड़े एक्विजिशन को इंटीग्रेट करने में चुनौतियां हो सकती हैं। साथ ही, कंपनी का कर्ज और अमेरिकी मार्केट में लगातार बढ़ता प्राइस प्रेशर भी गौर करने वाली बातें हैं। हालिया तिमाही में स्पेशलिटी सेल्स 6.9% बढ़कर $356 मिलियन रही है, जिसे बनाए रखना कंपनी की अगली बड़ी चुनौती होगी।
