AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे भारी खर्च को लेकर Panmure Liberum के रणनीतिकार Joachim Klement ने आगाह किया है। उनका मानना है कि 2027 तक टेक कंपनियों का कर्ज और कैश फ्लो का संकट बाजार में बड़ी गिरावट का कारण बन सकता है।
मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट Joachim Klement ने ग्लोबल इक्विटी रैली की सस्टेनेबिलिटी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहा बेतहाशा खर्च 2027 या 2028 तक एक ऐसे मोड़ पर पहुंच सकता है, जो 2008 के वित्तीय संकट जैसी गिरावट ला सकता है।
AI स्पेंडिंग और फाइनेंशियल चुनौती
बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां, जिन्हें 'हाइपरस्केलर्स' कहा जाता है, डेटा सेंटर और हार्डवेयर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। लेकिन बढ़ती ब्याज दरों के दौर में यह पैसा उधार लेना महंगा होता जा रहा है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड अभी 5.36% के आसपास बनी हुई है, जिससे कंपनियों का फ्री कैश फ्लो दबाव में है। यदि कमाई की रफ्तार इस भारी-भरकम खर्च के मुकाबले धीमी रहती है, तो टेक्नोलॉजी स्टॉक्स के री-प्राइसिंग का बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है।
मार्केट टारगेट और टेक्निकल संकेत
Klement के अनुमान के मुताबिक, 2027 के अंत तक S&P 500 इंडेक्स 5,000 अंक तक गिर सकता है, जो मौजूदा स्तरों से 36% की गिरावट होगी। वहीं, European Stoxx 600 के लिए 430 का टारगेट रखा गया है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे बाजार से तुरंत बाहर न निकलें, लेकिन 200-डे मूविंग एवरेज (200-day moving average) पर पैनी नजर रखें। यदि इंडेक्स लगातार इसके नीचे जाता है, तो यह ट्रेंड कमजोर होने का स्पष्ट संकेत है।
डिफेंसिव पोजीशनिंग की तैयारी
जोखिम से बचने के लिए पोर्टफोलियो को अभी से तैयार करने की जरूरत है। यदि बाजार का रुख बदलता है, तो निवेशकों को डिफेंसिव सेक्टर जैसे फूड, टोबैको और फार्मा कंपनियों की ओर शिफ्ट होना चाहिए। फिलहाल मार्केट का फोकस AI एडॉप्शन पर है, लेकिन लंबी अवधि में यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ये टेक कंपनियां अपने कर्ज को कैसे संभालती हैं और क्या वे वास्तव में अपने निवेश से मुनाफे का पैसा वापस ला पाती हैं।
