Shyam Metalics ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में **90%** की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब **₹511 करोड़** पर पहुंच गया है। वहीं कंपनी ने कोयला खनन और सोलर एनर्जी में बड़े विस्तार की योजना बनाई है।
Shyam Metalics and Energy Limited ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। 31 अक्टूबर, 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 90% बढ़कर ₹511 करोड़ हो गया है। ऑपरेशंस से प्राप्त रेवेन्यू में भी 33.4% की जोरदार तेजी आई है और यह ₹5,960 करोड़ पर पहुंच गया है, जिसे मेटल और एनर्जी बिजनेस में 26% बढ़ी हुई सेल्स वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है।
अकाउंटिंग बदलाव का असर
निवेशकों को नतीजों को देखते समय एक महत्वपूर्ण अकाउंटिंग बदलाव पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी ने इस तिमाही में डेप्रिसिएशन (depreciation) निकालने के तरीके को 'रिटन-डाउन वैल्यू' (WDV) से बदलकर 'स्ट्रेट-लाइन मेथड' (SLM) कर दिया है। इस बदलाव के कारण नेट प्रॉफिट के आंकड़ों में उछाल दिखा है, हालांकि इससे कंपनी के कैश फ्लो या असल ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता है।
भविष्य की विस्तार योजनाएं
कंपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए नए प्रोजेक्ट्स पर दांव लगा रही है। बोर्ड ने ₹360 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) को मंजूरी दी है, जिससे फुटामुरा कोयला ब्लॉक का विकास किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी Alom Solar Private Limited में 51% हिस्सेदारी खरीदकर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भी कदम रख रही है। ये कदम कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बिजनेस को डायवर्सिफाई करने की रणनीति का हिस्सा हैं।
मार्केट आउटलुक और रिस्क
रिजल्ट के बाद एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर भरोसा जताया है। टेक्निकल चार्ट्स के अनुसार, स्टॉक का सपोर्ट जोन ₹1,070 से ₹1,110 के बीच है और ऊपर की तरफ ₹1,300 का टारगेट देखा जा रहा है। हालांकि, निवेशकों को मेटल सेक्टर के साइक्लिकल जोखिमों (cyclical risks) के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इसके साथ ही, विस्तार योजनाओं के कारण बढ़ता कर्ज और PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) से जुड़ी कानूनी कार्यवाही, जो अभी भी अपील में है, निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
