Shriram Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **60%** उछलकर **₹3,680 करोड़** पहुंच गया है, जिसे नेट इंटरेस्ट इनकम में **40%** की ग्रोथ का बड़ा सहारा मिला है।
मुनाफे की रफ्तार और नेट इंटरेस्ट इनकम
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) करीब ₹3,680 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 60% ज्यादा है। इस मजबूती के पीछे कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम का अहम हाथ है, जो 40% बढ़कर ₹8,410 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई है।
कॉस्ट कंट्रोल पर मैनेजमेंट की पकड़
कंपनी ने अपने खर्चों पर कड़ी लगाम लगाई है। इस तिमाही में ऑपरेटिंग खर्चों में केवल 4% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कुल खर्च ₹2,020 करोड़ पर सीमित रहे। इस अनुशासन का सीधा असर कंपनी के कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो पर दिखा है, जो सुधरकर 22.9% हो गया है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि आने वाले समय में यह रेश्यो 24% से 25% के दायरे में स्थिर रह सकता है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने शेयर पर भरोसा जताया है। उन्होंने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,155 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2028 तक कंपनी 4.1% का रिटर्न ऑन एसेट्स और 13.7% का रिटर्न ऑन इक्विटी हासिल कर सकती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और भविष्य
NBFC सेक्टर के लिए माहौल अभी मिला-जुला है। एक तरफ वाहन और माइक्रो-फाइनेंस सेगमेंट में क्रेडिट डिमांड अच्छी बनी हुई है, तो दूसरी तरफ Reserve Bank of India के रेगुलेटरी नॉर्म्स, जैसे कि लोन प्रोविजनिंग और अनसिक्योर्ड लेंडिंग पर सख्त नियमों का असर मार्जिन्स पर पड़ सकता है। शेयरधारकों को अब कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIMs) की स्थिरता और एसेट क्वालिटी पर खास नजर रखनी चाहिए।
