Shree Cement का टारगेट प्राइस बढ़ा, ब्रोकरेज ने दिया **₹28,379** का लक्ष्य

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AuthorMehul Desai|Published at:
Shree Cement का टारगेट प्राइस बढ़ा, ब्रोकरेज ने दिया **₹28,379** का लक्ष्य

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Shree Cement के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹28,379** कर दिया है। कंपनी ने Q2FY27 में **17.7%** की शानदार वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है, हालांकि बढ़ती फ्यूल कॉस्ट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Shree Cement को लेकर अपना आउटलुक अपडेट किया है। कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए अब टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹28,379 कर दिया गया है। यह अपडेट कंपनी की ऑपरेशनल ग्रोथ और कमोडिटी मार्केट की अस्थिरता के बीच संतुलन को दर्शाता है।

वॉल्यूम और प्रीमियम सेल्स में दम

Shree Cement ने दूसरी तिमाही में 17.7% की सालाना वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है, जो बढ़कर 9.31 मिलियन टन पहुंच गई है। कंपनी की इस सफलता के पीछे उत्तरी बाजारों में कीमतों में की गई रणनीतिक बढ़ोतरी और प्रीमियम प्रोडक्ट्स का बड़ा हाथ है। वर्तमान में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी कुल सेल्स में 28.7% है, जो कंपनी को बेहतर मार्जिन दिलाने में मदद कर रही है।

फ्यूल कॉस्ट की चुनौती

वॉल्यूम में शानदार प्रदर्शन के बावजूद कंपनी के सामने बढ़ती ऑपरेशनल लागत एक बड़ी चुनौती है। तिमाही के दौरान फ्यूल की लैंडेड कॉस्ट ₹2.09 प्रति kcal रही। बढ़ते दबाव को देखते हुए मैनेजमेंट ने फ्यूल मिक्स में बदलाव किया है। पेट कोक (Pet Coke) का इस्तेमाल पिछले साल के 66% से घटकर अब सिर्फ 11% रह गया है, जबकि इंपोर्टेड कोल (Coal) का इस्तेमाल बढ़ाकर 75% कर दिया गया है।

हालांकि, चिंता की बात यह है कि मैनेजमेंट को तीसरी तिमाही में फ्यूल खर्च ₹2.15 से ₹2.20 प्रति kcal तक जाने का अनुमान है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बन सकता है।

आगे का रास्ता

कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए 40 से 41 मिलियन टन की वॉल्यूम गाइडेंस दी है। ब्रोकरेज नोट के अनुसार, अक्टूबर में सीमेंट की कीमतें सितंबर की तुलना में ऊपर रही हैं, जो साल की दूसरी छमाही में बेहतर प्राइसिंग का संकेत है। स्टॉक फिलहाल अपने फाइनेंशियल ईयर 2028 की अनुमानित कमाई के 14.1 गुना पर ट्रेड कर रहा है।

निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी अपनी वॉल्यूम ग्रोथ को बरकरार रख पाती है और बढ़ती एनर्जी लागतों को कैसे मैनेज करती है। फ्यूल के दाम में कोई भी अचानक उछाल कंपनी के बॉटम लाइन को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.