Shree Cement शेयर पर महंगाई का 'अटैक'! नतीजों में मार्जिन घटा, वैल्यूएशन पर एक्सपर्ट्स ने उठाए सवाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Shree Cement शेयर पर महंगाई का 'अटैक'! नतीजों में मार्जिन घटा, वैल्यूएशन पर एक्सपर्ट्स ने उठाए सवाल
Overview

Shree Cement के निवेशकों के लिए Q4 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। जहां कंपनी का EBITDA **₹12.5 अरब** और एडजस्टेड PAT **₹5.3 अरब** रहा, जो उम्मीदों के मुताबिक था, वहीं इनपुट लागतों में आई बढ़ोतरी ने कंपनी के मार्जिन पर गहरा असर डाला। इसके चलते EBITDA में **11%** की साल-दर-साल गिरावट आई और EBITDA प्रति टन **₹1,161** पर आ गया, जिससे ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन घटकर करीब **22%** रह गया।

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नतीजों के बीच लागतों ने घटाया मार्जिन

Shree Cement के Q4 FY26 के ऑपरेटिंग परफॉरमेंस ने एनालिस्ट्स की उम्मीदों को पूरा किया, जिसमें EBITDA ₹12.5 अरब और एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹5.3 अरब दर्ज किया गया। हालांकि, इनपुट लागतों में हुई बढ़ोतरी ने कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाला। नतीजतन, EBITDA में पिछले साल की तुलना में 11% की कमी आई और EBITDA प्रति टन 19% घटकर ₹1,161 हो गया। इससे कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन घटकर करीब 22% पर आ गया। कंपनी का मार्केट कैप वर्तमान में ₹90,000-₹92,800 करोड़ के बीच है।

महंगे वैल्यूएशन पर एनालिस्ट्स का 'Neutral' व्यू

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने स्टॉक पर अपनी 'Neutral' रेटिंग और ₹26,000 का प्राइस टारगेट बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्टॉक का वैल्यूएशन (FY27E/FY28E EV/EBITDA के 17x और 14x) फिलहाल फेयर है, लेकिन बहुत आकर्षक नहीं। इससे मौजूदा ट्रेडिंग स्तरों, जो मई 2026 की शुरुआत में करीब ₹25,655 थे, से तुरंत बड़ी तेजी की उम्मीद कम है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY27 में EBITDA प्रति टन औसतन ₹1,143 और FY28 में ₹1,228 रहेगा, जो FY26 के स्तर से अभी भी कम है। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) P/E रेश्यो 50x से 72x से भी ऊपर है, जो सेक्टर के औसत 36x से काफी ज्यादा है।

सेक्टर हेडविंड्स और प्राइसिंग प्रेशर

भारतीय सीमेंट सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और हाउसिंग मार्केट में रिकवरी के चलते FY26 में 6-7.5% और FY27 में 7-8% की वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि, इंडस्ट्री की प्रॉफिटेबिलिटी लगातार बढ़ती इनपुट लागतों के कारण दबाव में है। जियोपॉलिटिकल कारणों से ईंधन और एनर्जी की कीमतें, खासकर पेटकोक की, बढ़ रही हैं। अप्रैल 2026 में पेटकोक की कीमतें महीने-दर-महीने 19% और साल-दर-साल 22% उछली हैं। हालांकि कोयले की कीमतें गिरी हैं, लेकिन कुल मिलाकर लागत में बढ़ोतरी एक चुनौती बनी हुई है। सीमेंट कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी की कोशिश की है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और क्षमता की अधिकता के कारण वे इन लागतों को ग्राहकों पर पूरी तरह से नहीं डाल पा रही हैं। एनालिस्ट्स सालाना 2-4% की मामूली मूल्य वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे FY27 में इंडस्ट्री का ऑपरेटिंग प्रॉफिट प्रति टन कम हो सकता है। Shree Cement जैसी लो-कॉस्ट प्रोड्यूसर भी इन दबावों का सामना कर रही है, जैसा कि इसके मार्जिन में गिरावट से साफ है। इसका P/E रेश्यो 50.24x Ambuja Cements (22.25x) से काफी ऊपर है और UltraTech Cement (43.05x) और Grasim Industries (41.9x) के करीब है। UltraTech का EV/EBITDA 22.01x है, जो Ambuja (15.16x) और Grasim (11.07x) से ज्यादा है।

वैल्यूएशन जोखिम और मार्जिन की चिंताएं

Shree Cement का मौजूदा मार्केट वैल्यूएशन एक बड़ी चिंता का विषय है। इसका TTM P/E रेश्यो 50-72x कंपनी के 7-10% के ROE की तुलना में काफी ज्यादा है। वर्तमान मुनाफे के आधार पर यह प्रीमियम उचित नहीं लगता, जिससे लगता है कि निवेशक भविष्य की बहुत ज्यादा उम्मीदों पर दांव लगा रहे हैं। एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है, जिनमें से कई 'Hold' या 'Sell' की सलाह दे रहे हैं। बढ़ती इनपुट लागतों के बीच मार्जिन को बचाए रखना भी एक अहम चिंता है। इंडस्ट्री-व्यापी मूल्य निर्धारण की सीमाएं मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। इस फाइनेंशियल ईयर में सीमेंट कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन 150-200 बेसिस पॉइंट तक गिर सकते हैं। पिछले साल स्टॉक के -15.08% के प्रदर्शन ने निवेशकों में सावधानी का संकेत दिया है। मुख्य जोखिमों में लगातार उच्च ईंधन लागत, कड़ी प्रतिस्पर्धा और हाउसिंग डिमांड में मंदी शामिल हैं।

भविष्य का आउटलुक और प्राइस टारगेट

आगे देखते हुए, सीमेंट सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग डिमांड से वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी एक चुनौती बनी हुई है। एनालिस्ट्स Shree Cement के लिए 12 महीने के प्राइस टारगेट ₹20,000 से ₹35,697 के बीच अनुमान लगा रहे हैं, जिसका औसत करीब ₹27,727 है। यह 11.60% तक के संभावित अपसाइड का संकेत देता है। अन्य अनुमान ₹28,000-₹32,000 के औसत के आसपास हैं, जिसमें सबसे खराब स्थिति में यह ₹18,000 तक भी जा सकता है, यदि FY27 की गाइडेंस उम्मीदों से कम रहती है या आर्थिक चुनौतियां बढ़ती हैं। ये टारगेट मार्केट सेंटिमेंट के मिले-जुले रुझान को दर्शाते हैं, जो ग्रोथ पोटेंशियल को मार्जिन और वैल्यूएशन के महत्वपूर्ण जोखिमों के साथ संतुलित कर रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.