Shaily Engineering Plastics अपने मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ा रही है ताकि GLP-1 दवाओं की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। हालांकि, कंपनी का स्टॉक FY28 की अनुमानित कमाई के **48 गुना** पर ट्रेड कर रहा है, जो निवेशकों के लिए जोखिम भी बढ़ा रहा है।
Shaily Engineering Plastics अब अपने कारोबार का पूरा ध्यान स्पेशलाइज्ड मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग पर लगा रही है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में हेल्थकेयर सेगमेंट की हिस्सेदारी अब लगभग 51% तक पहुंच गई है। कंपनी डायबिटीज और वेट मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाले GLP-1 ड्रग-डिलीवरी डिवाइस की भारी मांग को भुनाने में जुटी है।
प्रोडक्शन कैपेसिटी में बंपर इजाफा
कंपनी ने पेन डिवाइस की सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी को FY26 में 25 मिलियन यूनिट से बढ़ाकर 55 मिलियन यूनिट कर दिया है। मैनेजमेंट की योजना इसे FY27 तक 75 मिलियन यूनिट तक ले जाने की है। अच्छी बात यह है कि कंपनी के पास ग्राहकों से 60% से 65% तक की प्रोडक्शन कमिटमेंट पहले ही मिल चुकी है। साथ ही, कंपनी ने डिवाइस रिजेक्शन रेट को 30% से घटाकर 8% तक लाने में सफलता हासिल की है।
नए बिजनेस में कदम
हेल्थकेयर के अलावा, Shaily अब सेमीकंडक्टर पैकेजिंग बिजनेस में भी उतरने की तैयारी कर रही है। FY27 की चौथी तिमाही से कंपनी चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए कंडक्टिव प्लास्टिक ट्रे बनाना शुरू करेगी। इसके अलावा, कनाडा और ब्राजील में सेमाग्लूटाइड (semaglutide) पेन प्रोग्राम के लिए मंजूरी मिलने से कंपनी को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिली है।
वैल्यूएशन का गणित और जोखिम
हालांकि कंपनी नए क्षेत्रों में तेजी दिखा रही है, लेकिन इसका ट्रेडिशनल कंज्यूमर बिजनेस अभी भी दबाव में है, जिसका रेवेन्यू साल-दर-साल 24% गिर गया है। अमेरिका और यूरोप में कमजोर मांग के कारण यह गिरावट देखी गई है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मौजूदा स्टॉक प्राइस FY28 की अनुमानित कमाई के 48 गुना पर है, जिससे 'मार्जिन ऑफ एरर' बहुत कम रह गया है। अब सब कुछ कंपनी की एग्जीक्यूशन क्षमता और नई लॉन्चिंग के समय पर निर्भर करेगा।
