Sensex और Nifty में तूफानी तेजी! IT और मेटल शेयरों ने दिलाई ₹3 लाख करोड़ की बढ़त

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Sensex और Nifty में तूफानी तेजी! IT और मेटल शेयरों ने दिलाई ₹3 लाख करोड़ की बढ़त

आज भारतीय शेयर बाज़ारों में जबरदस्त वापसी देखने को मिली। ग्लोबल टेंशन और तेल की कीमतों में उथल-पुथल के बावजूद, Sensex और Nifty **1%** से ज़्यादा चढ़े। IT और मेटल सेक्टर में ज़बरदस्त खरीदारी के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब **₹3 लाख करोड़** का इज़ाफ़ा हुआ।

बाज़ार में चौतरफा खरीदारी

बुधवार को भारतीय इक्विटी सूचकांकों में व्यापक सुधार देखा गया, जिससे निवेशकों को हाल की बाज़ार की अस्थिरता के बाद हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली। BSE Sensex सत्र की समाप्ति पर 880 अंक ऊपर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 इंडेक्स 259 अंक चढ़ा। इस सकारात्मक गति के परिणामस्वरूप कुल निवेशक की संपत्ति में लगभग ₹3 लाख करोड़ की वृद्धि हुई।

IT और मेटल सेक्टर चमके

दिन का प्रदर्शन सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) और मेटल (Metal) क्षेत्रों में एक मजबूत वापसी से परिभाषित हुआ, दोनों ने 2.3% से अधिक की बढ़त दर्ज की। FMCG सेक्टर ने भी बाज़ार की सकारात्मक चाल में योगदान दिया, 1.66% ऊपर बंद हुआ। हालाँकि ऑटो (Auto) और रियलिटी (Realty) क्षेत्रों में बिकवाली हावी रही और वे सत्र में नकारात्मक क्षेत्र में समाप्त हुए।

Nifty की चाल

तकनीकी दृष्टिकोण से, Nifty 50 इंडेक्स अपने अल्पकालिक मूविंग एवरेज के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा, जिसे विश्लेषक स्थिर होते सेंटिमेंट का संकेत मानते हैं। Nifty 50 के लिए रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 56.11 पर पहुंच गया, जो बताता है कि खरीदारी की गति बढ़ रही है। बाज़ार प्रतिभागी अब इस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि क्या इंडेक्स 24,400 के स्तर से ऊपर बना रह सकता है।

बैंकिंग सेक्टर में रिकवरी

Nifty बैंक इंडेक्स ने भी व्यापक बाज़ार की रिकवरी को ट्रैक किया, दिन के अंत में 0.79% की बढ़त के साथ 57,205.90 पर बंद हुआ। हालांकि इस इंडेक्स में निचले स्तरों पर सक्रिय खरीदारी देखी गई, यह अभी भी अपने 21-दिन और 200-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे है, जो बताता है कि बैंकिंग क्षेत्र अभी भी व्यापक बाज़ार की तुलना में रिकवरी के दौर से गुज़र रहा है।

आगे क्या?

निवेशकों को आने वाले सत्रों में इन क्षेत्रों की गति पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि भू-राजनीतिक विकास और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख बाहरी कारक बने हुए हैं। बाज़ार की भविष्य की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि IT और मेटल शेयरों में हालिया रिकवरी लॉन्ग-टर्म वॉल्यूम ग्रोथ द्वारा समर्थित है या यह हाल की अस्थिरता का एक अल्पकालिक सुधार बना रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.