Sapphire Foods ने उम्मीद से बेहतर Q2 EBITDA पेश किया है, जिसके पीछे KFC की मजबूत परफॉर्मेंस है। हालांकि, महंगाई और बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों के चलते Emkay Global ने टारगेट प्राइस घटाकर **₹260** कर दिया है।
Sapphire Foods India ने उम्मीदों से बेहतर तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के KFC बिजनेस के EBITDA में 32% का उछाल दर्ज किया गया है। कंपनी को ₹99 वाले 'क्रिस्पर बर्गर' जैसे वैल्यू-फोकस्ड मील और आक्रामक प्रमोशनल कैंपेन का फायदा मिला है। हालांकि, रेवेन्यू में बढ़त के बावजूद बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च मुनाफे की रफ्तार को थाम रहे हैं।
ब्रोकरेज का क्या है नजरिया?
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने बिजनेस पर भरोसा तो जताया है, लेकिन टारगेट प्राइस को घटाकर ₹260 कर दिया है। कंपनी के कुल सेल्स का लगभग आधा हिस्सा कच्चे माल, बिजली और कर्मचारियों की सैलरी (वेजेस) में खर्च हो रहा है। इन बढ़ते दबावों के कारण ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल ईयर 2027 से 2029 के लिए प्रॉफिट मार्जिन अनुमानों में कटौती की है।
QSR सेक्टर का हाल
पूरे भारतीय QSR सेक्टर में लंबे समय से फूड इन्फ्लेशन का दबाव बना हुआ है। Sapphire Foods के अलावा Devyani International और Jubilant FoodWorks जैसे कंपीटीटर्स भी समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। फिलहाल चुनौती यह है कि कंपनी बढ़ते इनपुट कॉस्ट को ग्राहकों पर डाले बिना डिमांड को कैसे बनाए रखती है।
विस्तार की रणनीति (Expansion Strategy)
कंपनी हर साल 60 से 80 नए KFC आउटलेट खोलने की योजना पर कायम है। वहीं, Pizza Hut के विस्तार को लेकर कंपनी थोड़ा सतर्क रुख अपना रही है। Pizza Hut की सेम-स्टोर सेल्स में 5% की रिकवरी दिखी है, लेकिन मुनाफे को बचाने के लिए नए स्टोर खोलने की रफ्तार को मैनेज किया जा रहा है।
