SBI Securities ने इस हफ्ते के लिए Sansera Engineering और Paytm पर दांव लगाया है। ब्रोकरेज का मानना है कि टेक्निकल मोमेंटम इन दोनों शेयरों में तेजी ला सकता है, जबकि Nifty अभी कंसॉलिडेट कर रहा है।
Sansera Engineering और Paytm पर SBI Securities का भरोसा
SBI Securities ने अपनी नई टेक्निकल रिसर्च रिपोर्ट में Sansera Engineering और Paytm को इस हफ्ते के लिए खास स्टॉक के तौर पर चुना है। ब्रोकरेज हाउस का टेक्निकल रिसर्च डेस्क इन दोनों कंपनियों के खास प्राइस पैटर्न और इंडिकेटर्स पर नजर रख रहा है।
Sansera Engineering और Paytm का टेक्निकल व्यू
Sansera Engineering के लिए, रिपोर्ट में हालिया कंसॉलिडेशन से ब्रेकआउट को हाईलाइट किया गया है। शेयर का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI), जो प्राइस मूवमेंट की स्पीड और बदलाव को मापता है, 60 के लेवल की ओर बढ़ा है। यह फर्म के मुताबिक, खरीदारी में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है। इसके अलावा, एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) का इस्तेमाल मौजूदा ट्रेंड की मजबूती को ट्रैक करने के लिए किया जा रहा है।
Paytm की बात करें तो, रिपोर्ट में की-लेवल फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के पास एक बाउंसबैक पर फोकस किया गया है। ये टेक्निकल टूल्स हैं जो किसी स्टॉक के लिए संभावित सपोर्ट एरिया का अनुमान लगाने में मदद करते हैं। ब्रोकरेज ने यह भी नोट किया है कि स्टॉक अपने 34-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर ट्रेड कर रहा है। टेक्निकल एनालिस्ट अक्सर EMAs को एक खास अवधि में स्टॉक की एवरेज प्राइस को समझने के लिए देखते हैं, जिसमें हाल के डेटा को ज्यादा अहमियत दी जाती है।
ब्रॉडर मार्केट का हाल
जहां व्यक्तिगत स्टॉक्स में टेक्निकल मजबूती दिख रही है, वहीं Nifty इंडेक्स पिछले 15 हफ्तों से कंसॉलिडेट कर रहा है, जो 23070 और 24601 के बीच घूम रहा है। हाल ही में इंडेक्स में 760 पॉइंट से ज्यादा की रिकवरी देखी गई है। फिलहाल, Nifty अपने 20-दिन और 50-दिन EMAs सहित कई की मूविंग एवरेज से ऊपर है, लेकिन 200-दिन EMA के करीब बना हुआ है। एनालिस्ट 24550-24600 रेंज को एक क्रिटिकल रेजिस्टेंस जोन के तौर पर देख रहे हैं।
इसके विपरीत, बैंक निफ्टी में कम वोलेटिलिटी देखी गई है, जिसने जनवरी 2026 के बाद से अपनी सबसे छोटी मंथली ट्रेडिंग रेंज दर्ज की है। जुलाई के दौरान इंडेक्स दबाव में रहा है, जिसके डेली और वीकली चार्ट पर मूविंग एवरेज में ज्यादा हलचल नहीं दिख रही है, जो बैंकिंग स्टॉक्स के लिए किसी स्पष्ट दिशात्मक ट्रेंड की कमी का संकेत देता है।
निवेशकों को क्या ध्यान देना चाहिए?
निवेशकों के लिए यह समझना अहम है कि ये रिकमेंडेशन टेक्निकल एनालिसिस पर आधारित हैं, जो कंपनी के फंडामेंटल्स जैसे कमाई, कर्ज या लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की बजाय ऐतिहासिक प्राइस चार्ट और वॉल्यूम डेटा पर फोकस करते हैं। टेक्निकल ट्रेंड्स मार्केट सेंटिमेंट या अप्रत्याशित खबरों के आधार पर जल्दी बदल सकते हैं। निवेशकों को अपने रिस्क लेने की क्षमता और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट गोल्स के आधार पर इन स्टॉक्स का मूल्यांकन करना चाहिए। इन स्टॉक्स के लिए अगला बड़ा ट्रिगर मौजूदा प्राइस लेवल को बनाए रखने और टेक्निकल पैटर्न्स द्वारा परिभाषित तत्काल रेजिस्टेंस जोन को पार करने की उनकी क्षमता होगी।
