Indiabulls Housing Finance से Sammaan Capital बनी कंपनी को एक नया 'Buy' रेटिंग मिला है। International Holding Company (IHC) से मिले **₹8,850 करोड़** के फंड के बाद कंपनी अब रिटेल और MSME लेंडिंग पर फोकस कर रही है।
एक प्रमुख ब्रोकरेज हाउस ने Sammaan Capital पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। यह रेटिंग कंपनी के उस बदलाव को दर्शाती है, जो इसे वित्तीय सुधारों के दौर से निकाल कर अब ग्रोथ के नए रास्ते पर ले जा रहा है। गौरतलब है कि फिस्कल ईयर 2020 से 2024 के बीच कंपनी ने अपने लोन बुक को क्लीन करने के लिए ₹6,499 करोड़ का भारी इंपेयरमेंट झेला था।
IHC की एंट्री से बदली तस्वीर
कंपनी की कायापलट के पीछे अबू धाबी की International Holding Company (IHC) का बड़ा हाथ है। IHC ने कंपनी में ₹8,850 करोड़ का निवेश कर 43.5% हिस्सेदारी हासिल की है। इस फंड के आने से कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति बेहद मजबूत हुई है, जिसके चलते Crisil, CARE और ICRA जैसी रेटिंग एजेंसियों ने इसकी क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है। बेहतर रेटिंग के कारण कंपनी के लिए कर्ज की लागत कम हुई है, जो सीधे तौर पर कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ाने में मददगार है।
रिटेल और MSME लेंडिंग पर दांव
मजबूत बैलेंस शीट के साथ, Sammaan Capital अब अपना बिजनेस मॉडल पूरी तरह से रिटेल और MSME लोन की तरफ शिफ्ट कर रही है। कंपनी का मकसद पुरानी डिपेंडेंसी को खत्म कर उन सेगमेंट में उतरना है जहां मार्जिन अधिक है। हालांकि, यह कदम रिस्क मैनेजमेंट और अंडरराइटिंग के मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती भी पेश करता है।
क्या है ग्रोथ का रिस्क?
IHC का निवेश एक मजबूत आधार तो देता है, लेकिन कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती लोन बुक को बिना एसेट क्वालिटी खराब किए बढ़ाने की है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेजी से बढ़ते लोन बुक के साथ रिस्क को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। निवेशक अब कंपनी के अगले कुछ तिमाही नतीजों पर नजर रखेंगे, जहां लोन बुक ग्रोथ के साथ-साथ एसेट क्वालिटी के आंकड़ों की स्थिरता ही कंपनी की असली परीक्षा होगी।
