'एसेट-लाइट' मॉडल पर दांव
Samhi Hotels अब सिर्फ होटल खरीदने और चलाने (asset-heavy model) के बजाय, 'एसेट-लाइट' मॉडल पर फोकस कर रहा है। RARE India में यह निवेश इसी रणनीति का हिस्सा है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इससे Samhi Hotels को फाइनेंशियल ईयर 27 (FY27E) तक करीब ₹42.5 करोड़ और फाइनेंशियल ईयर 28 (FY28E) तक ₹55.6 करोड़ की B2C कमीशन इनकम मिल सकती है। यह मॉडल कंपनी को ज्यादा कैपिटल खर्च किए बिना लग्जरी सेगमेंट से कमाई करने का मौका देगा।
ग्रोथ के बड़े लक्ष्य
इस नई रणनीति के दम पर Samhi Hotels का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26E) से फाइनेंशियल ईयर 28 (FY28E) के बीच अपने रेवेन्यू में 15% और EBITDA में 23% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करना है। कंपनी की मैरियट (Marriott) के साथ एफिलिएशन (affiliation) से प्रॉपर्टी परफॉर्मेंस सुधरने और नए मालिक ढूंढने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज की राय
Samhi Hotels का मार्केट कैप अभी करीब ₹6,500 करोड़ है और इसका फॉरवर्ड P/E ratio 35x है। शेयर की कीमत लगभग ₹185 के आसपास ट्रेड कर रही है। ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर 'BUY' रेटिंग दी है और ₹264 का टारगेट प्राइस रखा है। उन्हें उम्मीद है कि RARE India के जुड़ने से ऑक्यूपेंसी (occupancy) 35-45% तक और एवरेज रूम रेट (ARR) करीब ₹25,000 तक बढ़ सकता है।
जोखिम और अन्य एनालिस्ट्स
हालांकि, इस स्ट्रैटेजिक शिफ्ट में कुछ जोखिम भी हैं। RARE India और मैरियट पर निर्भरता बढ़ेगी। आपको याद होगा कि 2022 में एक कर्ज-भारी अधिग्रहण के बाद Samhi का स्टॉक 10% गिर गया था। लग्जरी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर भी इकोनॉमिक स्लोडाउन और बढ़ते खर्चों के प्रति संवेदनशील है।
अन्य ब्रोकरेज फर्म्स थोड़ी सतर्क हैं। Motilal Oswal ने इसे 'Neutral' रेटिंग और ₹170 का टारगेट दिया है, जबकि Jefferies ने 'Hold' रेटिंग और ₹180 का टारगेट रखा है। उनका मानना है कि अगर इंटीग्रेशन ठीक से नहीं हुआ या सेक्टर की हालत बिगड़ी तो कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाएगी।
इंडस्ट्री का माहौल
भारतीय लग्जरी होटल मार्केट में ट्रैवल रिबाउंड और अमीर ग्राहकों की बढ़ती संख्या का फायदा मिल रहा है। Samhi का 'एसेट-लाइट' मॉडल इस ग्रोथ को भुनाने में मदद करेगा, बशर्ते कि वह RARE India को प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट कर सके।