RBI Policy Update: अक्टूबर में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें, Samco CIO ने दी निवेशकों को बड़ी चेतावनी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI Policy Update: अक्टूबर में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें, Samco CIO ने दी निवेशकों को बड़ी चेतावनी

Samco Mutual Fund के CIO उमेशकुमार मेहता का मानना है कि RBI अक्टूबर की पॉलिसी में ब्याज दरों में **25 Bps** की बढ़ोतरी कर सकता है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के चलते अस्थिरता है, ऐसे में निवेशकों को मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों पर फोकस करना चाहिए।

RBI की अगली चाल और बाजार का अनुमान

Samco Mutual Fund के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, उमेशकुमार मेहता ने भारतीय बाजार के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। मेहता का अनुमान है कि RBI की आने वाली अक्टूबर पॉलिसी में रेपो रेट 25 Bps बढ़ने की 50% संभावना है। उनका मानना है कि केंद्रीय बैंक का मुख्य ध्यान आर्थिक स्थिरता पर होगा ताकि देश की ग्रोथ का रास्ता प्रभावित न हो।

ग्लोबल चुनौतियों का असर

महंगाई के मोर्चे पर खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने को मेहता एक अस्थायी झटका मानते हैं। हालांकि, भारतीय बाजार के लिए चिंता का बड़ा कारण बाहरी कारक हैं—जैसे क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और अमेरिका में हाई बॉन्ड यील्ड। ये ग्लोबल फैक्टर्स इमर्जिंग मार्केट्स से लिक्विडिटी को कम कर सकते हैं, जिससे भारतीय शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?

ब्याज दरों के माहौल में, निवेशकों को उन कंपनियों पर दांव लगाना चाहिए जिनके पास मजबूत बैलेंस शीट, सस्टेनेबल कैश फ्लो और कमाई की स्पष्ट विजिबिलिटी है। मेहता ने साफ कहा है कि अत्यधिक कर्ज वाली कंपनियों से दूरी बनाना ही बेहतर है।

निवेश के नए अवसर

भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव आया है। अब विकास का मुख्य जरिया खेती नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज बन गए हैं। इस नजरिए से, Samco Mutual Fund का नॉन-फेरस मेटल्स (Non-ferrous metals) पर झुकाव है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा, कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियां भी 'फाइनेंशियल सेविंग्स' के बढ़ते ट्रेंड का फायदा उठा सकती हैं, क्योंकि अब लोग बैंक डिपॉजिट से निकलकर स्टॉक मार्केट की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं।

वैल्यूएशन का गणित

बाजार में मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। कुछ सेक्टर अभी बहुत महंगे लेवल पर ट्रेड कर रहे हैं और वहां ग्लोबल रिस्क का असर पूरी तरह से नहीं दिख रहा है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनियां इस चुनौतीपूर्ण ब्याज दर वाले माहौल में अपना प्रॉफिट मार्जिन बचा पाती हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.